आगरा की सड़कों पर निराश्रित गोवंश के कारण होने वाले हादसों को रोकने और फसलों को सुरक्षा के लिए जिले में में 5 नए वृहद गो-आश्रय स्थल और 3 नई कान्हा गोशालाओं का निर्माण चल रहा है। इनके जून तक बनकर तैयार होने की संभावना है। इन केंद्रों के शुरू होने से 3200 से अधिक गोवंश के संरक्षण की सुविधा बढ़ जाएगी।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके पांडेय ने बताया कि 8.6 करोड़ रुपये की लागत से पांच वृहद गो-आश्रय स्थल निर्माणाधीन हैं। ये गोसंरक्षण केंद्र बाह तहसील के फतेहपुरा, विक्रमपुर और बलाई, खेरागढ़ के भिड़ावली और फतेहाबाद के खंडेर में बनाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त अछनेरा, फतेहाबाद और शमसाबाद नगर निकायों में नई कान्हा गोशालाएं भी तैयार की जा रही हैं।
सीवीओ ने बताया कि जैतपुर कला विकास खंड के फतेहपुरा में बन रहे आश्रय स्थल का 65 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। वहीं सैंया ब्लॉक के भिड़ावली में 70 फीसदी और बाह के विक्रमपुर में 60 फीसदी निर्माण पूरा हो गया है। इन सभी को जून तक चालू कर दिया जाएगा। बताया कि वर्तमान में विभिन्न आश्रय स्थलों में 21 हजार से अधिक गोवंश हैं। नए केंद्रों के अस्तित्व में आने से जिले में वृहद गो-आश्रय स्थलों की संख्या बढ़कर 13 और कान्हा गोशालाओं की संख्या 6 हो जाएगी। इनके बाद करीब 3200 गोवंश संरक्षण की क्षमता वृद्धि होगी।