कोरोना काल में ईद उल अजहा (बकरीद) का त्योहार सादगी के साथ मनाया जा रहा है। ताजनगरी में लोगों ने ईद की नमाज घरों में ही अदा की। प्रमुख मस्जिदों में मस्जिद इंतजामिया कमेटियों के लोग ही नमाज अदा कर सके। सभी ने कोरोना वायरस के खात्मे के लिए दुआ मांगी। सुरक्षा के मद्देनजर मस्जिदों के बाहर पुलिस फोर्स तैनात है।
इससे पूर्व शुक्रवार को कुर्बानी के लिए बकरों की खरीद-फरोख्त होती रही। बाजारों में कपड़े, खानपान का सामान खरीदने वालों की भीड़ रही।लोग बकरों को खरीदने के लिए गांवों में भी पहुंचे। शाहगंज के मोहम्मद वसीम ने बताया कि वह खंदौली से दो बकरे खरीदकर लाए। शहर में बकरे बिक तो रहे थे मगर नस्ल अच्छी नहीं थी और वजनी भी नहीं थे।
उन्होंने बताया कि कुर्बानी के लिए दो दांत का बकरा अच्छा माना जाता है। वजीरपुरा की फिरदौस ने बताया कि बकरीद के लिए आर्टिफिशियल ज्वैलरी और खानपान की सामग्री की खरीदारी की गई। ईद की खरीदारी के लिए किनारी बाजार, कश्मीरी बाजार, सेब का बाजार, हॉस्पिटल रोड, सुभाष बाजार, शिवाजी मार्केट, बिजलीघर, लोहामंडी, शहीद नगर, शाहगंज, राजा मंडी बाजारों में लोग उमड़े।
कमेटी के लोगों ने मस्जिदों में पढ़ी नमाज
आगरा की जामा मस्जिद
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इस्लामियां लोकल एजेंसी के हाजी असलम कुरैशी ने बताया कि ईद की नमाज शाही जामा मस्जिद में सुबह 7.30 बजे अदा की गई। इसमें कमेटी से जुड़े चंद लोगों ने ही शिरकत की। ईदगाह में सुबह सात बजे, अकबरी मस्जिद में आठ बजे, ताजमहल मस्जिद में साढ़े आठ बजे, लोहामंडी में 9.15 बजे नमाज हुई। अन्य मस्जिदों में भी इंतजामिया से जुड़े लोग ही ईद की नमाज अदा कर सके।
आगरा के अलावा मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और एटा-कासंगज में भी सादगी के साथ बकरीद का पर्व मनाया जा रहा है। फिरोजाबाद में मस्जिदों में केवल पांच लोगों को नमाज अदा करने की अनुमति प्रशासन ने दी थी। ईदगाह, जामा मस्जिद, शाही मस्जिद एवं अन्य मस्जिदों की ओर जाने वाले रास्ते रात से ही सील कर दिए गए है। नमाज के बाद घरों में कुर्बानी दी गई।