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लॉकडाउन: मथुरा में ठप पड़ी पर्यटन विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाने की कवायद शुरू

Tue, 02 Jun 2020 10:55 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

  • प्रमुख सचिव पर्यटन ने नगर निगम से पर्यटन विकास की संभावना के लिए सर्वे के दिए हैं निर्देश
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मथुरा-वृंदावन मार्ग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धर्म और आस्था की नगरी मथुरा में लॉकडाउन के कारण ठप पड़ी पर्यटन विकास योजनाओं को लेकर एक बार फिर सरकारी मशीनरी में हलचल शुरू हो गई है। प्रमुख सचिव पर्यटन ने मथुरा की पंचकोसीय परिक्रमा सहित यमुना पर फुटओवर ब्रिज के प्रस्ताव पर रिपोर्ट मांगी है। इसकी जिम्मेदारी पर्यटन विभाग ने नगर निगम को सौंप दी है। 
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लॉकडाउन के चलते सब कुछ ठप हो गया है। विकास संबंधी परियोजनाओं पर कामकाज बंद पड़े हैं। तमाम रियायतों के साथ शुरू हुए लॉकडाउन के पांचवें चरण में फाइलों से धूल हटने लगी है। प्रशासनिक स्तर पर विकास संबंधी कामकाज को आगे बढ़ाने का कार्य शुरू हो गया है। 


इसी प्रक्रिया में प्रमुख सचिव पर्यटन ने मथुरा के पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग के चिन्हांकन और यहां आवश्यक सुविधाओं के साथ स्वामीघाट से यमुना पर फुटओवर ब्रिज तथा यमुना पार क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग, बस स्टॉप की संभावना पर विचार करने को कहा है। 
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प्रमुख सचिव पर्यटन के निर्देश का हवाला देते हुए जिला पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा ने यमुनापार क्षेत्र के गांव ईशापुर, हंसगंज, विशनगंज में नजूल की भूमि पर मल्टीलेवल पार्किंग और बस स्टॉप के लिए पांच एकड़ जमीन की उपलब्धता भी बताई है। 

जिला पर्यटन अधिकारी ने नगर आयुक्त से यह भी कहा है कि सर्वे के बाद उक्त परियोजनाओं को स्मार्ट सिटी सहित अन्य योजनाओं में भी शामिल किया जा सकता है।

गौरतलब है कि प्रमुख सचिव को पिछले दिनों स्थानीय निवासी बालमुकुंद और परशुराम चतुर्वेदी ने मथुरा के धार्मिक महत्व के अनुरूप विकास की आवश्यकता जताते हुए कुछ सुझाव प्रमुख सचिव को दिए थे। इन्हीं का संज्ञान लेते हए प्रमुख सचिव ने निर्देश जारी किए हैं।
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पहले से है इसका प्रस्ताव

यमुना किनारे पुराने शहर और यमुना के घाटों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फुटओवर ब्रिज सहित यमुना पार क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग का बहुत समय पहले का प्रस्ताव है। इसके लिए प्रारंभिक सर्वे भी किया जा चुका है, लेकिन तकनीकी कारणों से यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका है। 

यह प्रस्ताव अमल में आते हैं तो ऋषिकेश की भांति यहां लक्ष्मण झूला होगा। श्री द्वारिकाधीश से भीड़ के चलते दूर हो रहे भक्तों की संख्या एक बार फिर बढ़ जाएगी।
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