इस मां की आंखों में कल बेटे के सुंदर भविष्य सपने थे, वही आंखें आज आंसुओं में डूबी हुई हैं। बेटा पढ़लिख कर ‘बड़ा आदमी’ बनेगा इसलिए उसने उसकी फीस भरने के लिए अपने गहने गिरवी रख दिए। रोटी के लाले तो थे ही अब ब्याज और मूल चुकाने की मुसीबत भी खड़ी हो गई है। उस पर वज्र सा गिरा जब स्कूल की धोखाधड़ी के कारण बेटा बोर्ड परीक्षा से वंचित कर दिया गया।अब उसने कालेज संचालक के खिलाफ जगदीशपुरा थाने में तहरीर दी है।
कृष्णा नगर, नई आबादी निवासी मनोज कुमार की पत्नी हेमलता मिट्टी के बर्तन बनाकर बमुश्किल तमाम गुजर-बसर करती हैं। उन्होंने बताया कि बेटे शुभम ने मारुति एस्टेट स्थित आरडी इंटर कालेज से 11वीं और फिर इंटर का परीक्षा फार्म भरा। इसके लिए कालेज ने 13200 रुपये वार्षिक शुल्क मांगा था। हेमलता ने बताया कि इतनी मोटी फीस देने के लिए उन्हें कुल जमापूंजी जैसे अपने गहने गिरवी रखने पड़े। बोर्ड परीक्षा नजदीक आई तो कालेज से शुभम को अनुक्रमांक (4000372) दिया गया। बताया गया कि उसका सेंटर धनौली स्थित डा. भीमराव अंबेडकर सरस्वती इंटर कालेज में है। वह परीक्षा से एक सप्ताह पहले प्रवेश पत्र लेने पहुंचा तो प्रधानाचार्य ने उसे भगा दिया। कहा कि उसका सेंटर वहां नहीं है।
अब सिर पर चढ़े कर्ज की चिंता में डूबी हेमलता ने कहा कि उनके बच्चे के दो पेपर छूट चुके हैं। उसका तो साल खराब हो गया। वह जानना चाहती हैं कि उनकी मुसीबतों, आंसुओं और बच्चे के बर्बाद साल का मुआवजा क्या है, कौन देगा। उनका आरोप है कि विद्यालय संचालक ने धोखाधड़ी की। उन्होंने पुलिस और जिला विद्यालय निरीक्षक से भी शिकायत की है। इंस्पेक्टर थाना जगदीशपुरा ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।