मैनपुरी। शिक्षा के क्षेत्र में जिले में शैक्षिक संसाधनों की कमी नहीं है। जिले में पर्याप्त स्कूल हैं, लेकिन बेसिक, माध्यमिक और स्नातक स्तर के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की कमी चल रही है। वर्ष 2020 में उम्मीद है कि शिक्षकों की हर स्तर पर चल रही कमी दूर हो सकेगी। बेसिक शिक्षा के तहत एक साल से लटकी 69 हजार शिक्षक भर्ती पूरी होने की संभावना है, वहीं माध्यमिक और डिग्री कॉलेजों में भी शासन ने शिक्षकों की तैनाती का निर्णय लिया है। सहायता प्राप्त कॉलेजों में शिक्षकों की तैनाती के लिए सीधी भर्ती का निर्णय लिया गया है। तो माध्यमिक शिक्षा परिषद ने भी शिक्षकों की तैनाती के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। उम्मीद है कि नए साल में शिक्षकों की यह समस्या दूर हो सकेगी।
उम्मीद-एक
शिक्षकों की कमी होगी दूर
वर्ष 2019 में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक में शिक्षकों की कमी से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित रही। साल 2020 में उम्मीद है कि हर स्तर पर शिक्षकों की तैनाती होगी, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार होगा और बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। सरकार और विभाग में ही इसको लेकर पहल शुरू कर दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर कर दी जाएगी।
उम्मीद-दो
पढ़ने को छात्रों को नहीं छोडना होगा जिला
जिले में ही बेहतर शिक्षा के लिए जिला प्रशासन ने प्रयास शुरू किए हैं। नवागत जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने शिक्षा विभाग को अपना लक्ष्य बनाया है। शिक्षकों की गतिविधियों के लिए डीएम सीधे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े, वहीं उन्होंने खुद जिला पुस्तकालय में समय-समय पर शिक्षण कार्य करने का निर्णय भी लिया है। इससे महसूस हो रहा है जिले के बच्चों को जिले में ही बेहतर शिक्षा मिल सकेगी जिससे बच्चे जिला नहीं छोड़ेंगे।
उम्मीद-तीन
प्रयोगशाला में पहुंचेंगे उपकरण
माध्यमिक स्तर पर जिले में बड़ी संख्या में विज्ञान वर्ग से कॉलेज संचालित हैं, लेकिन इन कॉलेजों में देखने को मिल रहा है कि प्रयोगशालाएं तो हैं लेकिन प्रयोगशाला में उपकरण नहीं है। साल 2020 में उम्मीद है कि प्रयोगशालाओं में उपकरण उपलब्ध होंगे, जिससे कि बच्चों को प्रयोगशालाओं में प्रयोग करने का अवसर मिल सकेगा। इसके लिए जिला प्रशासन व माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। उम्मीद है कि 2020 में प्रयोगशालाओं को बदला हुआ दृश्य नजर आएगा।
उम्मीद-चार
नकल पर लगेगी पूरी तरह से नकेल यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल पर पूरी तरह से नकेल के लिए जिला प्रशासन से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। पहली बार यूपी बोर्ड परीक्षा में दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरों के साथ ऑनलाइन निगरानी के लिए डीबीआर लगाया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर एनआईसी केंद्र को परीक्षा के लिए नोडल केंद्र बनाया गया है। उम्मीद है कि वर्ष 2020 की परीक्षा में नकल पर पूरी तरह से नकेल लगेगी। इससे शिक्षा का गुणात्मक सुधार होगा।
शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। 69 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर कोर्ट में मामला चल रहा है उम्मीद है कि इसी महीने फैसला आ जाए और जिले में शिक्षकों की तैनाती होगी। अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
शिक्षा के लिए जिले में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। कमी है तो केवल शिक्षकों की। शिक्षकों की पर्याप्त संख्या में तैनाती हो तो निश्चित ही शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
प्रज्ञा श्रीवास्तव, प्रधानाध्यापिका
जिले में अंग्रेजी माध्यम स्कूल तो खोले गए। लेकिन इन स्कूलों में मानक के अनुसार शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी। उम्मीद है कि शीघ्र शिक्षकों की मानक के अनुसार तैनाती होगी
शुभम शक्ति भदौरिया, शिक्षामित्र
माध्यमिक विद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की कमी चल रही है। उम्मीद है कि नए साल में शिक्षकों की इस कमी को दूर किया जा सकेगा।
रघुराज सिंह पाल, प्रधानाचार्य
शिक्षकों को समय से स्कूल पहुंचाने के लिए विभाग ने जो नई पहल शुरू की है वह काबिले तारफी है। जिलाधिकारी के निर्देशन में शिक्षा के सुधार के लिए बेहतर प्रयास हो रहे हैं।
महेशचंद्र चतुर्वेदी, पूर्व एबीआरसी
अब शिक्षक चोरी से अवकाश पर नहीं जा सकेंगे। जिलाधिकारी द्वारा कंट्रोल रूम को प्रतिदिन दी जाने वाली सूचना से शिक्षकों के अवकाश से गायब होने की समस्या दूर होगी।
नवीन सक्सेना, पूर्व एबीआरसी
शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। 2020 में नई उम्मीदों के साथ शिक्षक विद्यालयों में शिक्षण कार्य करेंगे ऐसी पूरी संभावना है।
बलराम श्रीवास्तव, साहित्यकार