कासगंज। 1 अप्रैल से परिषदीय स्कूलों में कक्षा 1 की शिक्षा पद्धति में बदलाव किया जाएगा। कक्षा एक में पढ़ाई जाने वाली कलरव की जगह एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) की किताबों से पढ़ाई शुरू की जाएगी। इन नई किताबों में पठन पाठन की पद्धति पूरी तरह बदली हुई होगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में कक्षा 5 तक पढ़ाई जाने वाली हिंदी की किताब का नाम कलरव है। अंग्रेजी की किताब का नाम रेनबो और गणित की किताब का नाम गिनतारा है। कक्षा 2 से 5 तक तो इन तीनों विषयों की किताबें अलग अलग हैं, जबकि कक्षा 1 की किताब कलरव 3 इन वन है। जिसमें अंग्रेजी, हिंदी, गणित तीनों शामिल हैं।
अब यह किताब बदल दी जाएगी। इस किताब के स्थान पर एनसीईआरटी की तीन किताबें लगाई जाएंगी। जिसमें अंग्रेजी के लिए मैरीगोल्ड, हिंदी के लिए रिमझिम और गणित के लिए मैथ मैजिक शामिल की जा रही है। शिक्षा विभाग के अफसरों के मुताबिक कलरव की किताब कक्षा 1 में बीते 20 वर्षों से कोर्स में शामिल है।
लखनऊ से विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण
एनसीईआरटी की किताबें लागू करने से पहले मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऑनलाइन दिए जा रहे प्रशिक्षण में जिले के मास्टर ट्रेनरों को लखनऊ से एनसीईआरटी के विशेषज्ञ ट्रेनिंग दे रहे हैं। यह ट्रेनिंग 12 दिवसीय है। 12 दिवसीय ट्रेनिंग के बाद यह मास्टर ट्रेनर ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे।
आंकड़े की नजर से-
- 28 मास्टर ट्रेनरों को दिया जा रहा प्रशिक्षण।
- 4 मास्टर ट्रेनर प्रत्येक ब्लॉक में किए जा रहे प्रशिक्षित।
- 997 स्कूलों में एक अप्रैल से हो जाएगा बदलाव।
वर्जन-
- 1 अप्रैल से कलरव की जगह कक्षा 1 में एनसीईआरटी की किताबें लागू हो जाएंगी। इसके लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण लखनऊ से मास्टर ट्रेनरों को दिया जा रहा है। यह बदलाव शिक्षा में और सुधार लाएगा । - अंजली अग्रवाल, बीएसए।