कासगंज। जांच के लिए प्रमाणपत्र जमा नहीं करने वाले तीन शिक्षकों की खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। इनमें से एक शिक्षक सवा साल से लापता है। इस शिक्षक ने प्रमाणपत्र भी जमा नहीं किए हैं। लापता शिक्षक पर सेवा समाप्ति की तलवार लटक रही है। वहीं सात माह से लापता एक शिक्षिका नौकरी पर लौट आई है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने तीन माह पहले जिले के विद्यालयों में तैनात 3030 शिक्षकों से नियुक्ति एवं शैक्षिक प्रमाणपत्र मांगे थे। इनमें से तीन शिक्षकों ने प्रमाणपत्र जमा नहीं किए। इसके बाद विभाग ने तीनों का वेतन रोककर नोटिस भेज दिया। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों से शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी। कासगंज विकास क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला गुमानी की शिक्षिका जया, टियाली के कनेसर नगला डलू के उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक आमोद ने अपने प्रमाण पत्र जमा कर दिए लेकिन सोरों विकास क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक रणधीर सिंह ने प्रमाणपत्र जमा नहीं किए।
खंड शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षकों की रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी। इस रिपोर्ट में सामने आया कि शिक्षिका जया सात माह बाद अपने काम पर लौटी हैं लेकिन शिक्षक रणधीर न तो अपनी ड्यूटी पर लौटे और न हीं उनके द्वारा शैक्षिक एवं नियुक्ति प्रमाण पत्र जमा किए गए। अब ऐसे में विभाग ने लापता शिक्षक की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके लिए शिक्षक को नोटिस भेजा जाएगा।