कासगंज। कोरोना संकट के चलते स्वयं सहायता समूहों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। इससे उबारने के लिए अब उन्हें बच्चों की ड्रेस सिलने का जिम्मा सौंपा गया है। इस कार्य के लिए 36 स्वयं सहायता समूहों का चयन किया गया है।
जिले में 1434 प्राथमिक एवं दो राजकीय विद्यालयों में कक्षा-8 तक के बच्चों को शासन द्वारा दो ड्रेस उपलब्ध कराई जाएंगी। इन विद्यालयों के 145601 छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा। इस कार्य का जिम्मा इस बार स्वयं सहायता समूहों को सौंपा गया है। विद्यालय की शिक्षा समिति के माध्यम से कपड़ा उपलब्ध कराया जाएगा। चयनित स्वयं सहायता समूह विद्यालय में बच्चों का नाप लेकर ड्रेस की सिलाई करेंगे। इसके बदले उन्हें 100 रुपये प्रति ड्रेस के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।
प्रशिक्षण दिया जाएगा
मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्र की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उन्होंने कहा कि महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। जनपद इटावा से 36 महिलाएं आई हैं। ये महिलाएं 12-12 के समूह में विकास खण्ड कासगंज, सोरों तथा पटियाली में आवश्यकतानुसार अन्य महिला समूहों का भी गठन करेंगी। समूहों का बैंक में खाता खुलवाकर अपना कार्य संचालन करने, रिवाल्विंग फंड कराकर विभिन्न व्यवसाय एवं कार्यों के लिए 45 दिन तक प्रशिक्षित करेंगी। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए रामायण सिंह यादव, डीसी मनरेगा अजय कुमार आदि मौजूद रहे।