कासगंज के गंजडुंडवारा पीजी कॉलेज के शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच करते एसडीएम और उनकी
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कासगंज। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े की कलई खुलने के बाद माध्यमिक और शिक्षा विभाग में भी शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच हो रही है। उच्च शिक्षा विभाग के अधीन जिले के महाविद्यालयों के प्राचार्यों और प्रवक्ताओं के दस्तावेजों की जांच तेजी के साथ शुरू की गई है। एसडीएम के नेतृत्व में जांच टीमें महाविद्यालयों में पहुंचीं। गंजडुंडवारा पीजी कॉलेज और केए कॉलेज के सभी शिक्षकों के दस्तावेज संकलित कर लिए गए हैं।
शासन के निर्देश पर महाविद्यालयों के शिक्षकों की जांच एडीएम के नेतृत्व की जांच कमेटी कर रही है। शासकीय और राजकीय महाविद्यालयों की जांच के लिए अलग-अलग दो टीमें बनाई गई हैं। दोनों ही कमेटी का अध्यक्ष एसडीएम सदर ललित कुमार को बनाया गया है।
जांच कमेटी ने एक सप्ताह पहले सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रवक्ताओं को नोटिस भेजकर दस्तावेज मांगे थे। निर्धारित समय गुजरने के बाद भी जब दस्तावेज नहीं मिले तो जांच टीमें स्वयं महाविद्यालयों में पहुंच रहीं हैं। मंगलवार को एसडीएम के नेतृत्व की तीन सदस्यीय जांच टीम गंजडुंडवारा पीजी कॉलेज पहुंची। यहां सभी शिक्षकों के दस्तावेजों का परीक्षण किया और पत्रावलियां जमा कराईं। इससे पहले केए कॉलेज में भी पत्रावलियां जमा कराई गईं।
मानव संपदा पोर्टल का काम अधूरा
महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्रवक्ताओं की सभी जानकारियां बिंदुवार मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड कराई जानी हैं, लेकिन इस काम में जिम्मेदार रुचि नहीं दिखा रहे। इस पर जांच टीम ने उन्हें तीन दिन का अंतिम मौका देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है।
आंकड़े की नजर से-
- 4 महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्रवक्ताओं की हो रही जांच।
- 52 प्रवक्ता और 4 प्राचार्य हैं महाविद्यालयों में।
- शिक्षकों के दस्तावेजों का परीक्षण महाविद्यालय में पहुंचकर किया जा रहा है। केए कॉलेज और गंजडुंडवारा पीजी कॉलेज में टीम के साथ पहुंचकर परीक्षण किया है। - ललित कुमार, एसडीएम।