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शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, इन शिक्षकों को किया बर्खास्त, रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश

Tue, 16 Oct 2018 08:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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फिरोजाबाद जिले में फर्जी टीईटी मार्कशीट से नौकरी हासिल करने वाले चार शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। विभाग ने शिक्षकों के खिलाफ संबंधित ब्लाक के एबीएसए को रिपोर्ट दर्ज कराने और अभी तक के वेतन की रिकवरी करने के आदेश दिए हैं। 
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जिले में पहली बार हुई विभागीय कार्रवाई से शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है। एक शिक्षक अलीगढ़ जिले का रहने वाला है। 29 एवं 15 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ था। फर्जी टीईटी मार्कशीट बनवाकर अभ्यर्थियों ने नौकरी हासिल कर ली थी।

शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों की मार्कशीट का सत्यापन कराया तो पहली बार में गड़बड़ी मिलने पर विभाग ने दोबारा सत्यापन कराया तो फर्जीवाड़ा सामने आया। सीडीओ की अध्यक्षता में सुनवाई होने पर इन शिक्षकों ने प्रमाणपत्र सही बताए थे। 
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शासन के निर्देश पर हुई कार्रवाई

जांच पूरी होने के बाद शासन के निर्देश पर बीएसए अरविंद पाठक ने चारों फर्जी शिक्षकों की मंगलवार को सेवाएं समाप्त कर दो दिन में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एबीएसए को पत्र जारी कर दिया है। यही नहीं फर्जी शिक्षकों से पहले वेतन से अभीतक मिली धनराशि की रिकवरी करने के आदेश वित्त लेखाधिकारी
को दिए हैं। 

जिले में शिक्षा विभाग की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। शासन का सख्त रुख देख अन्य फर्जी शिक्षकों में खलबली मची गई है। अभीतक शिक्षकों को सिर्फ बर्खास्त कर छोड़ दिया जाता था। हाल ही में कई शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद न तो रिपोर्ट दर्ज कराई गई औैर न ही वेतन की रिकवरी की गई।       
 
पांच शिक्षकों के सत्यापन में टीईटी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे। मगर एक शिक्षिका ने सीडीओ के सामने प्रवेश पत्र एवं अन्य अभिलेख प्रस्तुत किए थे। इसलिए शिक्षिका के प्रमाणपत्रों को दोबारा सत्यापन कराने के लिए भेजा गया है।   
 

सपा सरकार में हुई थीं भर्तियां    

जो शिक्षक फर्जीवाड़े के कारण बर्खास्त हुए हैं, उनकी नियुक्तियां अखिलेश सरकार में हुई थी। अलीगढ़ जिले निवासी कपिल कुमार ने 29 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत जून 2015 में फिरोजाबाद जिले में नौकरी हासिल की थी। उन्हें मदनपुर ब्लाक का उच्च प्राथमिक विद्यालय मढ़वा विद्यालय मिला था। 

प्राथमिक विद्यालय गणेश नगरिया में तैनात निशा कुमारी, जसराना के प्राथमिक विद्यालय सेवापुर में तैनात सतेंद्र कुमार और दारापुर मिलावली में तैनात शिक्षक जितेंद्र कुमार की नियुक्ति 15 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत हुई थी। इन्हें जुलाई 2016 में तैनाती मिली थी।    

बीएसए अरविंद पाठक ने बताया कि दो बार सत्यापन के आधार पर कमेटी ने चार शिक्षकों को बर्खास्त करने के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। एबीएसए को दो दिन का समय रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दिया गया है। अभी और शिक्षकों की जांच चल रही है।
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जिले में कई शिक्षक हैं फर्जी    

फिरोजाबाद जिले में कई फर्जी शिक्षक हैं। बीएड फर्जीवाड़े में करीब 151 शिक्षक जांच के घेरे में आ गए थे। उन्हें नोटिस जारी किए थे, लेकिन जांच ठंडे बस्ते में पड़ गई।       

मृतक आश्रितों के रूप में जिले में नौकरी करने वाले शिक्षकों के अभिलेखों एवं नियुक्त प्रक्रिया की जांच कराई जाए तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है। इनके अभिलेखों से लेकर नियुक्ति प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा होने की आंशका है।  
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