फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras Case: CFI के सदस्यों से पांच घंटे ईडी ने की पूछताछ, विदेश से फंडिंग के संबंध में हुए सवाल

Thu, 15 Oct 2020 09:16 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

जांच में पुलिस को जानकारी मिली थी कि ये लोग विदेशी फंडिंग से दंगा भड़काने की साजिश रच रहे थे। इसी उद्देश्य से हाथरस जा रहे थे। मांट थाने में चारों के खिलाफ राजद्रोह समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। 
विज्ञापन
पुलिस हिरासत में कोर्ट जाते चारों संदिग्ध - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाथरस कांड के बाद मथुरा से गिरफ्तार किए गए कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) के चार सदस्यों से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बुधवार को पूछताछ शुरू कर दी है। विदेशों से चंदा लेकर दंगा भड़काने की साजिश के आरोप में जेल में बंद पीएफआई-सीएफआई के चार सदस्यों से ईडी की टीम ने पांच घंटे पूछताछ की।
विज्ञापन



अस्थाई जेल में पांच घंटे तक रही टीम ने आरोपियों से विदेश से की गई फंडिंग के संबंध में सवाल पूछे। इस दौरान जेल के बाहर और आसपास सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए। 


मांट टोल प्लाजा पर पांच अक्तूबर को पुलिस ने हाथरस जा रही स्विफ्ट कार में सवार चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए अतीकुर्रहमान निवासी नगला रतनपुरी मुजफ्फर नगर, आलम निवासी घेर फतेर खान कोतवाली रामपुर, सिद्दीक निवासी मल्लपुरम केरल तथा मसूद निवासी बहराइच से छह स्मार्टफोन और लैपटॉप बरामद हुआ था। जांच में पुलिस को जानकारी मिली थी कि ये लोग विदेशी फंडिंग से दंगा भड़काने की साजिश रच रहे थे। इसी उद्देश्य से हाथरस जा रहे थे। मांट थाने में चारों के खिलाफ राजद्रोह समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। 
विज्ञापन

 
विज्ञापन

इन जानकारियों के बद खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं और एटीएस के साथ ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने भी जांच शुुरू कर दी। सोमवार को ईडी की टीम मथुरा पहुंच गई, लेकिन सीजेएम अंजू राजपूत की न्यायालय से पूछताछ के लिए मंजूरी नहीं मिली। मंगलवार को मंजूरी मिलते ही बुधवार को सुबह 11 बजे ईडी की टीम रतनलाल फूल कटोरी इंटर कॉलेज में बनी अस्थाई जेल पहुंच गई।


दिल्ली से आए ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर आरआर कुमार ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेन्द्र मैत्रेय को न्यायालय का आदेश दिखाकर आरोपियों से पूछताछ शुुरू की। चारों आरोपियों से अलग-अलग हुई पूछताछ में विदेश से की गई फंडिंग से संबंधित सवाल किए गए। इस दौरान आरोपियों से लिखित बयान लिए गए। ईडी की टीम शाम चार बजे तक अस्थाई जेल में रही। इस संबंध में वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेन्द्र मैत्रेय ने बताया कि ईडी की टीम ने चारों आरोपियों से बयान लिए हैं। 

लॉकडाउन के दौरान बनी अस्थाई जेल
जिला कारागार में जगह की कमी के चलते लॉकडाउन के दौरान रतनलाल फूल कटोरी इंटर कॉलेज में अस्थाई जेल बनाई गई। यहां आरोपियों की कोरोना की जांच भी की जाती है। सीएफआई के चारों सदस्यों को इसी जेल में रखा गया है। अस्थाई जेल के बाहर तथा आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें