ईस्टर पर्व मनाते मसीही समाज के लोग।
- फोटो : ईस्टर पर्व मनाते मसीही समाज के लोग।
आगरा। ईसाई समाज ने प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का पर्व ईस्टर संडे (पास्का) श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक रूप से मनाया। शहर के प्रमुख गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं, भजन-कीर्तन आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के बलिदान को याद कर मृत्यु पर विजय के पर्व ईस्टर को मनाया।
जैसे ही घड़ी में 12 बजे गिरजाघरों में घंटे-घड़ियाल की ध्वनि के बीच प्रभु यीशु की जय-जयकार होने लगी। कुछ क्षण अंधकार के बाद प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का प्रतीकात्मक दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। गिरजाघर रंगबिरंगी रोशनी से जगमग हो उठे। इससे पूर्व ईस्टर की पूर्व संध्या पर शहर के गिरजाघरों में मध्यरात्रि प्रार्थना सभाएं आयोजित हुईं।
निष्कलंक माता महागिरजाघर (सेंट पीटर्स चर्च) में महाधर्माध्यक्ष डॉ. राफी मंजली ने कहा कि सच्चाई, सेवा और परोपकार का मार्ग अपनाने वाला ही अनंत जीवन का अधिकारी बनता है। ईस्टर हमें आशा,विश्वास, और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
पूर्व महाधर्माध्यक्ष डॉ. अल्बर्ट डिसूजा ने भी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए सभी के जीवन में शांति, समृद्धि एवं ईश्वरीय कृपा की कामना की। वहीं सेंट मैरी चर्च प्रतापपुरा में पर्व मनाया गया।पल्ली पुरोहित फादर जोसेफ डाबरे ने बताया कि नई अग्नि से पास्का मोमबत्ती प्रज्जवलित की जाती है जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। गायक मंडली ने अपने भजनों और स्तुति गायन किया। क्रिश्चियन समाज सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष डेपिय सिल्वेरा ने कहा कि हमें प्रभु यीशु मसीह के दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज में शांति, भाईचारा एवं मानवता को बढ़ावा देना चाहिए। इस दौरान प्रार्थना सभाओं में फादर राजन दास, फादर आशीष, फादर अल्विन पिंटो, फादर अजय, फादर विंसेंट, सिस्टर जूलियट, सुशील टोपनो आदि का सहयोग रहा।
ईस्टर पर्व मनाते मसीही समाज के लोग।- फोटो : ईस्टर पर्व मनाते मसीही समाज के लोग।