मौसम विज्ञानी 11 अप्रैल और दो मई को आए तूफान की मुख्य वजह पूर्वी हवाओं के लंबे समय तक चलना मान रहे हैं। इस मौसम में पूर्वी हवा इतने लंबे समय तक नहीं चलती है। बाकी घटनाओं की उपलब्धता की वजह से तूफान की स्थिति बन गई।
दयालबाग शिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लेने पहुंचे भारतीय मौसम विज्ञान विभाग नई दिल्ली के डॉ. आर. जेनामणि ने बताया कि आंधी और तूफान के घटक अधिक तापमान, आर्द्रता और ट्रिगरिंग (पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय कारक) होते हैं। पूर्वी हवा में नमी होती है।
बंगाल की खाड़ी से होकर गुजरती है। इस मौसम में तापमान 40 और 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। राजस्थान की अरावली पहाड़ियों और अन्य पहाड़ियों से टकरा वापस नीचे की ओर लौटी।