आगरा-कागारौल मार्ग पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बंद होने से डग्गेमार वाहन धड़ल्ले से दाैड़ रहे हैं। करीब एक वर्ष चली बसों से खर्चा न निकलने पर संचालन बंद करने की बात कही जा रही है।
इंचार्ज एसडीएम अभय सिंह ने बताया कि कागारौल-आगरा मार्ग पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कराया था। सवारियां कम निकलने पर बंद करा दिया गया। कई बार परिचालकों की सवारियों से रुपये लेकर टिकट न देने की शिकायत मिली थी। ऐसे बस परिचालकों पर कार्रवाई की गई और जुर्माना भी लगाया गया। कोई आदेश आएगा तो फिर से बसों का संचालन हो सकता है।
पांच जगह पुलिस पोस्ट, रोकता नहीं कोई
इस मार्ग पर चलने वाले डग्गेमार वाहनों में ठूस-ठूसकर सवारियां भरी जाती हैं। अकोला पुलिस चौकी, थाना मलपुरा और खेरिया मोड़ पुलिस चौकी सहित पांच पुलिस पोस्ट मिलते हैं लेकिन किसी भी पुलिस पोस्ट पर इनको नहीं रोका जाता है।
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वाहनों पर लटकी दिखती हैं सवारियां
कागारौल-आगरा मार्ग पर 40 से अधिक डग्गेमार वाहन संचालित हैं। इनमें ज्यादातर ईको, टाटा मैजिक, ऑटो और प्राइवेट बसें हैं। ये सभी कागारौल से आगरा तक सवारियों से 30 रुपये से 60 रुपये तक किराया वसूलते हैं। क्षमता से करीब तीन गुना ज्यादा सवारियां ले जाई जाती हैं। इस सफर में काफी सवारियां बाहर लटकी रहती हैं।