धूल-धुआं और बदले मौसम ने एलर्जी, खांसी-जुकाम और बुखार की परेशानी बढ़ गई है। अस्थमा और सांस रोगियों की सांस उखड़ रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन और वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालत खराब होने पर 8 मरीजोें को भर्ती करना पड़ा है।
वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि ओपीडी में 303 मरीज आए। इसमें प्रदूषण से अस्थमा और सांस के मरीजों के सीने में जकड़न व भारीपन हो रहा है। लगातार खांसी हो रही है और बलगम के साथ खून भी आ रहा है। इस पर 8 मरीजों को भर्ती किया गया। मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि बदले मौसम और हवा में धूल-धुआं के कण अधिक होने के कारण एलर्जी की दिक्कत ज्यादा हो रही है। ओपीडी में 676 मरीज आए। इनमें बुखार-खांसी के अलावा गले में खराश, नाक में खुजली, बार-बार छींक आना और सिर में दर्द भी हो रहा है। दवा देने के साथ मरीजों को बचाव के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
इन बातों का रखें ख्याल:
- गुनगुना पानी पीएं, गर्म पानी की भाप लें।
- सफाई करते वक्त कचरा न जलाएं।
- अस्थमा मरीज घर की सफाई से बचें।
- धूल-धुआं वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, मास्क लगाएं।
- खांसी-जुकाम में खुद दवा न लें।