घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों ने शहर भर के बाजार बंद करा दिए। लोग सड़कों पर उतरकर घटना पर आक्रोश जताने लगे। कई स्थानों पर उपद्रवियों ने आगजनी की नाकाम कोशिशें की और पत्थरबाजी की घटनाएं हुई हैं। हालांकि पुलिस ने अब इन घटनाओं पर काबू पा लिया। अराजक तत्वों को नियत्रिंत करने को पुलिस ने लाठियां भी भांजी हैं।
इस दौरान पुलिसकर्मियों और उपद्रवियों के बीच शहर के कई स्थानों पर झड़पें हुई। पूरे शहर में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। अलीगढ़ के आइजी डॉ.संजीव गुप्ता, कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा समेत पड़ोसी जनपदों की पुलिस फोर्स के अलावा पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।
युवक की मौत की सूचना पर सांसद राजवीर सिंह राजू भइया, भाजपा के कई विधायक मौके पर पहुंच गए। मुख्यमंत्री व अन्य सरकारी अफसरों को घटनाक्रम से अवगत कराया गया। प्रशासन ने स्थिति को काबू करने के लिए पीएसी व पुलिस बल की तैनाती शहर भर में कर दी है। अभी कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।
प्रशासनिक अधिकारी भाजपा व हिंदू संगठन के लोगों से बातचीत कर स्थिति समान्य करने की कोशिशों में जुटे हैं। वहीं शासन से अफसर व नेता भी अफसरों से घटनाक्रम के बारे में जानकारी ले रहे हैं।