मैनपुरी। वर्ष 2020-21 की प्रस्तावित जिला योजना पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बृहस्पतिवार को मोहर लगा दी। वैसे तो हर विभाग के लिए जिला योजना में प्रस्ताव पास किए गए, लेकिन ग्रामीण रोजगार और सड़कों पर दिल खोल कर खर्चा किया गया है। करीब 66 प्रतिशत धनराशि इसके लिए आवंटित की गई है।
कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में जिला योजना की बैठक का आयोजन किया गया। इसके लिए जिले के 37 विभागों ने कुल 280.77 करोड़ के प्रस्ताव पास किए थे। उप मुख्यमंत्री व विधानसभा सदस्यों की उपस्थिति में सभी प्रस्तावों को पास कर दिया गया। प्रत्येक विभाग के लिए आवंटित धनराशि से किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा हुई। जिले के विकास को रफ्तार देने के लिए सबसे अधिक खर्च सड़क व पुल निर्माण के साथ ही ग्रामीण रोजगार पर किया गया।
सड़क व पुल निर्माण के लिए 49.64 करोड़ का प्रस्ताव पास किया गया तो ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए 88.45 करोड़ और नवीन ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए 48.46 करोड़ का प्रस्ताव पास किया गया। इसके अलावा सड़कों के पुनर्निर्माण पर 1.17 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
ग्रामीण स्वच्छता को भी मिलेगी रफ्तार
जिला योजना में ग्रामीण स्वच्छता पर 28.87 करोड़ का प्रस्ताव पास किया गया। इस धनराशि से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय, सोक पिट और कूड़ाघरों का निर्माण कराया जाए। इससे गांवों को साफ-सुथरा और खुले में शौच से मुक्त बनाया जा सके।
70 लाख से पर्यटन को कैसे लगेंगे पंख
जिले में पांच पर्यटन केंद्रों को विकसित करने के लिए केवल 70 लाख ही मिल सके। इसमें औंछा स्थित च्यवन ऋषि आश्रम, शीतला देवी मंदिर, मार्कंडेय तपोभूमि, अछईपुर स्थित ईच्छेश्वर धाम और समान पक्षी विहार को शामिल किया गया है। लेकिन इतनी कम धनराशि में इनको विकसित कर पाना संभव नहीं है।
ये रहे मौजूद
जिला योजना की बैठक में आबकारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री, सदर विधायक राजकुमार यादव, विधायक करहल सोबरन सिंह यादव, विधायक किशनी बृजेश कठेरिया, सदस्य विधान परिषद अरविंद यादव, आलोक गुप्ता, जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह, पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ये प्रमुख प्रस्ताव हुए पास
-3.81 करोड़ नगरीय पेयजल व्यवस्था
-5.90 करोड़ माध्यमिक शिक्षा के लिए
-2.50 करोड़ प्राविधिक शिक्षा के लिए
-4.17 करोड़ कृषकों को आर्थिक सहायता के लिए
-5.90 करोड़ 50 किलोमीटर सीसी रोड और केसी ड्रेन के लिए
-1.74 करोड़ दस पंचायत भवनों के लिए
-26.50 करोड़ राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में