एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में शुक्रवार को अस्थमा अटैक के 5 मरीज भर्ती किए गए। हड्डी रोग विभाग के डॉ. रजत कपूर ने बताया कि सर्दी बढ़ने से विभाग में 30 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। इनके जोड़ और मांसपेशियों में सूजन से दर्द हो रहा है। पुरानी चोट के दर्द वाले मरीज भी आ रहे हैं। ऐसे लोगों को दवा देने के साथ फिजियोथेरेपी भी कराई जा रही है।
फिजियोथेरेपी विभाग के डॉ. अतुल शर्मा ने बताया कि फिजियोथेरेपी कराने वाले मरीजों की संख्या 30-35 फीसदी बढ़ गई है। इसमें कंधों, जोड़ों में दर्द, जोड़ों में जकड़न और पुरानी चाेट के मरीज अधिक हैं।
त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि पानी कम पीने और गर्म पानी से नहाने की वजह से शरीर की नमी कम हो रही है। इससे खुजली, चकत्ते, एलर्जी और बाल भी टूट रहे हैं। मरीजों को दवा देने के साथ खूब पानी पीने की भी सलाह दे रहे हैं।
प्रदूषण से बढ़ रही खांसी
वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव होने से अस्थमा और सांस रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। हवा में कार्बन तत्व अधिक हैं, इसके संपर्क में आने से खांसी बढ़ रही है। अस्थमा अटैक भी आ रहा है। शुक्रवार को भी 5 मरीज भर्ती करने पड़े हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- गठिया मरीज घुटने और कंधों की व्यायाम करें, फिजियोथेरेपी कराएं।
- धूल-धुआं वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं।
- दो-तीन लीटर पानी जरूर पीएं, नारियल के तेल से शरीर की मालिश करें।
- खराश होने पर गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालकर गरारे करें।
- ज्यादा गर्म पानी से न नहाएं, नहाने से पहले बालों में शैंपू करें।