आगरा में खुले नाले जानलेवा साबित हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को थाना एकता क्षेत्र के कौलक्खा के खुले नाले में पुलिस को एक शव मिला। इसके पास मिली डायरी से पहचान कर परिजन को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक चार दिन से घर नहीं पहुंचा था। खुले पड़े और बाउंडरी के न होने से चार दिनों में दो युवकों की जान नाले में गिरकर जा चुकी है। इन दोनों ही मामलों में नगर निगम के किसी इंजीनियर की जवाबदेही तय नहीं की गई है।
बिजलीघर के काजीपाड़ा निवासी रोशनलाल मजदूरी करते थे। उनके बेटे मनीष ने बताया कि पिता सोमवार की सुबह घर से काम करने के लिए निकले थे। उसके बाद शाम को लौट कर नहीं आए। परिजनों ने दोस्तों और रिश्तेदारों के पास कॉल कर जानकारी ली, लेकिन उनका कहीं पता नहीं लगा। वह एक जगह काम नहीं करते थे। कई बार दो-दो तीन दिन बाद घर लौटकर नहीं आए। बृहस्पतिवार को पुलिस का फोन आया। उन्होंने बताया कि एक युवक का शव कौलक्खा नाले में मिला है। उसे पोस्टमार्टम भेज दिया है। वहां जाकर पिता की मौत का पता चला। ताजगंज एसीपी पीके राय ने बताया कि राहगीरों ने नाले में शव होने की सूचना दी थी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव को बाहर निकाला। वह कई दिन पुराना लग रहा था।
कलवारी चौराहे के पास खुले नाले में मिला था शव
बोदला बिचपुरी रोड पर बुधवार को कलवारी चौराहे के पास खुले नाले युवक का शव मिला था। उसके पास एक साइकिल भी मिली थी। उसकी पहचान अवधपुरी निवासी निखिल के रूप में हुई थी। इससे पहले शहर के नालों में साइकिल और बाइक सवारों के गिरने के कारण लगातार हादसे होते रहे हैं। इनमें मंटोला नाला, काजीपाड़ा, कोठी मीना बाजार, अशोक नगर, लोहामंडी, बोदला, बिचपुरी, कालिंदी विहार नाले में हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान जा चुकी है। कोठी मीना बाजार पर बीते साल ही एक किमी हिस्से को लोहे के जाल से कवर कराया गया था, वहीं काजीपाड़ा और मंटोला नाले की बाउंडरी कराई गई थी। रामनगर पुलिया का नाला रामनगर से शंकरगढ़ पुलिया तक कवर किया गया था।