दीवान-ए-आम पर की गई बैरिकेटिंग
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उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित लाल किला के दीवान-ए-आम में दरारें आ गई हैं। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने प्लास्टर और पत्थरों के गिरने की आशंका के कारण यहां बैरिकेडिंग कर पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है। वहीं इसी जगह पर 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की 393वीं जयंती कार्यक्रम करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) से अनुमति मांगी है। पूर्व में एएसआई ने अनुमति से इन्कार कर दिया था, जिसके बाद आयोजक अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
11 फरवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए
जी-20 प्रतिनिधिमंडल के लिए आगरा किले के दीवान-ए-आम में 11 फरवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए। मानक से कई गुना ज्यादा ध्वनि के कारण दीवान-ए-आम की छत और दीवारों पर 10 से ज्यादा जगहों पर दरारें आ गईं।
500 साल पुराने आगरा किले के दीवान-ए-आम में दरार की खबरों के बाद मंगलवार को एएसआई ने यहां बैरिकेडिंग कर दी और पर्यटकों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी। पर्यटक केवल दीवान-ए-आम का बाहर से ही दीदार कर पाए। एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद ने इस मामले में दूसरे दिन भी चुप्पी बनाए रखी और वह फतेहपुर सीकरी में निरीक्षण के लिए सुबह ही निकल गए।
19 को आगरा आ सकते हैं योगी और शिंदे
छत्रपति शिवाजी महाराज की 393वीं जयंती मनाने के लिए 19 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ आगरा आ सकते हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को किले में होने वाले कार्यक्रम के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया है। स्थानीय प्रशासन भी मुख्यमंत्री योगी के 19 फरवरी को आगरा आने की तैयारी में लगा हुआ है।
2000 दर्शकों के लिए मांगी है अनुमति
महाराष्ट्र सरकार के प्रमुख सचिव विकास खरगे ने एएसआई की महानिदेशक विद्यावती से कार्यक्रम की अनुमति मांगी है। 18 को रिहर्सल और 19 फरवरी को शाम 7 से 9.30 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अनुमति का आवेदन किया गया है। इसमें 2000 लोग शामिल होंगे। महाराष्ट्र सरकार के निदेशक संस्कृति की ओर से आवेदन किया गया है, जिसमें बताया गया है कि अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान के साथ महाराष्ट्र सरकार शिवाजी जयंती के समारोह के लिए आयोजक है।