आरोप है कि धीरज गुर्जर ने गुस्से में अपने बेटे विवेक गुर्जर (16) को गोली मारी थी। बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। घरवालों ने पुलिस को बताया कि धीरज दोपहर से शराब के नशे में घर में झगड़ा कर रहा था। बेटे से भी उसका विवाद हुआ था। शाम को बेटा भैंस की सानी लगा रहा था। पिता ने उससे गाली गलौज कर दी। बेटे ने नाराज होकर तेज आवाज में जवाब दे दिया था। इसी पर वह कमरे से पिस्टल लेकर आया और सीने में गोली मार दी थी।
एसीपी सदर सुकन्या शर्मा ने बताया कि धीरज गुर्जर यह नहीं बता रहा है कि उसने रात कहां गुजारी। सुबह के समय वह पीआरवी के पास पहुंचा। पुलिस कर्मियों से कहा कि उसका मोबाइल घर पर रह गया है। घरवालों से बात करनी है। पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और थाने लेकर आए। उससे पूछताछ शुरू की गई तो वह ऐसा व्यवहार करने लगा जैसे उसे कुछ याद नहीं। उसे यह तक याद नहीं था कि उसने बेटे को गोली मार दी थी। पुलिस वाले उसे घर लेकर गए।
बाद में आरोपी ने सिर्फ इतना कहा कि गुस्से में गोली चल गई थी। उसे नहीं पता था कि बेटा मर जाएगा। गोली क्यों चलाई। इस सवाल का उसने जवाब नहीं दिया। पोस्टमार्टम के बाद विवेक का शव जब घर पहुंचा तो पिता हिरासत में था। बेटे के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ। वह घर जाने की कहने लगा। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से पिस्टल नहीं मिली है। अब पिस्टल बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।