काले कारोबार में पूरा परिवार शामिल
दवा तस्करी के काले कारोबार में पंकज का पूरा शामिल है। बेटा अमन और भाई सूर्यकांत पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पत्नी रिचा, बेटी अकांक्षा और श्रुति फरार चल रही हैं। बेटे अमन ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि सरकारी सप्लाई की दवाओं की रीपैकिंग घर पर ही की जाती थी। इसमें मां और बहनें भी साथ देतीं थीं। ये तस्करों को सप्लाई भी देने जातीं थीं।
गिरोह में 20 से ज्यादा सदस्य
पंकज गुप्ता के गिरोह में 20 से अधिक सदस्य हैं। संजीव गुप्ता, नरेंद्र कुमार उर्फ नंदू, धीरज रघुनानी और मन्नत करीरा पहले ही पकड़े जा चुके हैं। मन्नत करीरा का पति अनिल सिंधी, हरप्रीत, अमित मित्तल सहित 15 और सदस्य हैं। पंकज पांच साल से दवा की तस्करी कर रहा है। वह भ्रूण लिंग की जांच करने वाली किटों की भी तस्करी करता है।
अरोड़ा, जयपुरिया, राजौरा गैंग पर शिकंजा
इन दिनों पुलिस और ड्रग विभाग तीन गिरोहों पर शिकंजा कस रहा है। ये हैं अरोड़ा गैंग, जयपुरिया गैंग और राजौरा गैंग। अरोड़ा गैंग के विक्की और कपिल अरोड़ा पंजाब और हरियाणा सहित आठ राज्यों में नशे की दवाइयों की तस्करी करते हैं। पंकज गुप्ता का जयपुरिया गैंग नशे की दवाइयों की तस्करी के साथ सरकारी दवाइयों को फिर से पैक कर बेचता है। राजौरा गैंग नकली दवाएं तैयार कराता है और एक्सपायर दवाओं को फिर से पैक कर बेचता है।