हृदय रोगियों से स्टेंट के मनमाफिक कीमत वसूलना हास्पिटल संचालकों के लिए भारी पड़ेगा। इसकी जांच करने के लिए हास्पिटल में ड्रग विभाग की टीम छापामार कार्रवाई करेगी। मरीजों से पूछताछ पर अगर तय कीमत से अधिक रुपये लिए गए तो कार्रवाई निश्चित है। प्रमुख सचिव हेमंत राव के निर्देश के बाद सहायक आयुक्त औषधि ने टीम बना दी है।
हाल ही में केंद्र सरकार ने हृदय रोगियों को बड़ी सौगात दी थी। हृदय रोगियों के इलाज में जरूरत कार्डिएक स्टेंट के दाम में 85 फीसदी तक कम कर दिए थे। अब 45 हजार रुपये के बेरे मेटल स्टेंट (बीएमएस) का अधिकतम मूल्य 7260 रुपये और ड्रग इल्युटिंग स्टेंट (डीईएस) की 29,600 रुपये कीमत होगी, इससे पहले करीब 1.30 लाख रुपये कीमत थी। हास्पिटलों में मरीजों से इसकी ज्यादा कीमत वसूलने की शिकायतों पर प्रमुख सचिव ने प्रदेश भर में इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। आगरा में सहायक आयुक्त औषधि को पत्र प्राप्त हो गया है। सहायक आयुक्त औषधि पीके मोदी ने बताया कि जिन हास्पिटल में स्टेंट बदलने की सुविधा है, उनके यहां ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम छापा मारेगी। मरीजों से कीमत की पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार करेगी। आगरा मंडल के सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देशित कर दिया है।
डाक्टरों को रखना होगा मरीजों का रिकार्ड
हास्पिटलों को मरीज का रिकार्ड रखना होगा। इसमें मरीज का नाम, पता, मोबाइल नंबर के अलावा स्टेंट की कीमत का भी जिक्र होगा। टीम मौके पर मिले मरीज के अलावा रिकार्ड में दर्ज मरीज से भी पूछताछ कर सकेगी।