गिरफ्तार किए गए दवा कारोबारी जितेंद्र उर्फ विक्की अरोड़ा और कपिल अरोड़ा
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ड्रग विभाग अभी तक दवा माफिया जितेंद्र (विक्की) अरोड़ा-कपिल अरोड़ा की एक ही फर्म की जानकारी कर पाया है। उसकी फर्म कृष्णा एजेंसी 2017 में पंजीकृत हुई है, जबकि वह करीब 15-20 साल से दवा का कारोबार कर रहा है। इससे लगता है कि उसकी कोई अन्य फर्म भी हो सकती है।
पंजाब पुलिस ने दवा माफिया की फर्म की जानकारी मांगी है। इस फर्म का लाइसेंस, नाम समेत अन्य रिपोर्ट तैयार रखने को कहा है। जल्द पंजाब पुलिस आगरा में दवा माफिया को लेकर दोबारा जांच करने के लिए आ सकती है।
ड्रग विभाग 10 दिन में दवा माफिया की एक फर्म कृष्णा एजेंसी की ही जानकारी कर पाया है। पंजाब पुलिस ने इस फर्म की रिपोर्ट बनाने को कहा है। ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि दवा माफिया की एक फर्म की जानकारी मिली है, इसकी रिपोर्ट बना रहे हैं। पंजाब पुलिस को इसकी जानकारी दी जाएगी।