टूंडला। रविवार रात से लापता दवा व्यावसायी बुधवार को चंडीगढ़ में बरामद हो गया। दवा व्यावसायी ने मोबाइल नंबर बदलकर परिजन को फोन किया था। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उसे पकड़ लिया। पुलिस कारोबारी को देर रात टूंडला लेकर पहुंचेगी। नगर के तेलमिल रोड निवासी पीयूष गुप्ता 27 पुत्र मनोज गुप्ता की एमपी रोड पर मनोज कैमिस्ट के नाम से दुकान है। वह रविवार रात 10 बजे करीब अपनी दुकान बंद कर बाजार गया था, उसके बाद वह घर वापस नहीं लौटा। परिजन ने उसकी तलाश की थी, लेकिन वह कहीं नहीं मिला था। परिजन ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मंगलवार शाम परिजनों ने पीयूष पर लोगों का कर्जा होने पर लेनदारों द्वारा अपहरण की आशंका जताई थी। जिस पर पुलिस ने बड़े लेनदारों को थाने बुलाकर उनसे पूछताछ की थी।
पुलिस लापता पीयूष के मोबाइल को सर्विलाइंस पर लगाते हुए उसकी तलाश कर ही रही थी। इसी बीच मंगलवार रात पीयूष ने अपने मोबाइल में दूसरे नंबर की सिम डालकर परिजन से बात की। पहले से सतर्क पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की तो वह पंजाब के चंडीगढ़ की निकली। पुलिस के मुताबिक पीयूष वैष्णोदेवी होते हुए वह चंडीगढ़ पहुंचा था। पुलिस ने संबंधित थाने से बात कर उसे पकड़वा लिया। थाना पुलिस उसे लेने चंडीगढ़ रवाना हो गई है। उसके देर रात तक टूंडला पहुंचने की संभावना है। थाना प्रभारी राजेश पांडेय का कहना है कि दवा व्यवसाई को चंड़ीगढ़ से बरामद कर लिया है। उसने मोबाइल में दूसरी सिम डालकर परिजनों से बात कर रहा था।उसके आने पर पूरी घटना की जानकारी हो सकेगी।
फिरोजाबाद के बीसी किंग की तर्ज पर हुआ था लापता
टूंडला। फिरोजाबाद के आर्चिड ग्रीन निवासी बीसी किंग संजीव गुप्ता की तर्ज पर पीयूष गुप्ता ने भी खुद ही गायब होकर षड्यंत्र के तहत परिजन के माध्यम से अपहरण की साजिश रचने का प्रयास किया। विगत पांच वर्ष पूर्व जुलाई 2017 में करोड़ों की बीसी चलाने वाले संजीव गुप्ता ने पत्नी के सहयोग से अपने अपहरण की साजिश रची थी। थाना प्रभारी राजेश पांडेय ने बताया कि पीयूष पर भी लाखों का कर्जा है। कर्जा न देना पड़े इसके लिए उसने संजीव गुप्ता की तरह साजिश रची, किंतु अपने ही मोबाइल में दूसरी सिम डालकर परिजनों से बात करने पर पकड़ा गया।