अवैध खनन रोकने के लिए गठित टास्क फोर्स की शुक्रवार को पुलिस आयुक्त ने बैठक ली। इसमें बताया कि अवैध खनन से निकाली बालू के ओवरलोड वाहन राजस्थान और मध्य प्रदेश से आते हैं। पहले यह सैंया होते हुए निकलते थे। मगर टोल पर निगरानी बढ़ा दी गई। इससे चालकों ने रूट बदल दिया। अब यह राजाखेड़ा होते हुए शमसाबाद, मंसुखपुरा, निबोहरा, पिनाहट, इरादतनगर आदि इलाकों से निकल रहे हैं। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि खनन क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से सर्वे कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट 15 दिन में ली जाएगी।
इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन के वाहनों के निकलने पर थाना प्रभारी और चाैकी प्रभारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इन रूट पर एआई कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे वाहनों के नंबर से ओवरलोड और खनन के वाहनों की पहचान करके चालान की कार्रवाई हो सके। इसके साथ ही इनकी फीड चाैकी और थाने में रखी जाएगी। इसके अलावा कंट्रोल रूम में भी वीडियो फुटेज देखे जा सकेंगे। बैठक में जिलाधिकारी अरविंद मल्लपा बंगारी, अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह, डीसीपी, एसीपी, थाना प्रभारी के साथ आरटीओ, आरएफओ, आरटीओ के अधिकारी माैजूद रहे।
रात 9 बजे के बाद चलेंगे वाहन
खनन रोकने के लिए बनाई 10 टीमें राजस्थान और एमपी की सीमा पर चेकिंग करेंगी। यहां पर बैरियर लगाए जाएंगे। चालक के पास इलेक्ट्राॅनिक ट्रांजिट परमिट के साथ ही इंटर स्टेट ट्रांजिट परमिट की जांच की जाएगी। यह न मिलने पर वाहन को सीज कर दिया जाएगा। सुबह 9 से रात 9 बजे तक किसी तरह का ओवरलोड ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर ट्राली देहात के पिनाहट, मंसुखपुरा, शमसाबाद, इरादतनगर, सैंया, मलपुरा, कागाराैल, बसई जगनेर, अछनेरा, फतेहपुर सीकरी, खेरागढ़ में नहीं दाैड़ेंगे। रात में ही इन वाहनों को अनुमति होगी।
बाॅडी वाॅर्न कैमरों के साथ चेकिंग करेंगे पुलिसकर्मी
पुलिस आयुक्त ने कहा कि अवैध खनन के वाहन गुजरते मिलने पर चाैकी प्रभारी और थानाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे। चेकिंग टीम के पास बाॅडी वाॅर्न कैमरा होना जरूरी है। इसे ऑन रखना होगा, जिससे किसी तरह की अवैध वसूली और अभद्रता की शिकायत पर कार्रवाई की जा सके। एसीपी और डीसीपी पुलिस कार्रवाई की निगरानी करेंगे। जनपद में कहीं भी गिट्टी, मोरंग और मिट्टी का पट्टा नहीं दिया गया है।