एत्मादपुर के बुढ़िया के ताल पर 14 जून को हुई 44 लाख की लूट का खुलासा हो गया। यह वारदात चूड़ी कारोबारी प्रमोद अग्रवाल के ड्राइवर बबलू ने ही कराई थी। इसकी साजिश कारोबारी के चचेरे भाई के ड्राइवर धर्मेंद्र यादव ने रची थी। क्राइम ब्रांच ने फीरोजाबद के एका, नगला कन्ही निवासी बबलू और नारखी, त्रिलोकपुर के देवेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर 21 लाख रुपये बरामद हो गए हैं। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि वारदात में कुल सात लोग शामिल रहे। देवेंद्र ने स्विफ्ट का शीशा तोड़कर कैश लूटा था। फरार आरोपियों में त्रिलोकपुरा के ही धर्मेंद्र, बॉबी, प्रभात, सिरसागंज के वैती दारूपुर का टीटू, जसराना के टीकामई के अजय और संजू हैं। देवेंद्र, बॉबी उसके भाई, टीटू साला और प्रभात दोस्त है। प्रभात की बोलेरो ही वारदात में इस्तेमाल की गई। धर्मेेंद्र को मालूम था कि प्रमोद का रोजाना आगरा के कमला नगर की बैंक शाखा से 40 से 70 लाख तक कैश आता है। इसी से उसके मन में लालच आ गया। (संबंधित खबर पेज 02 पर)
बबलू के झूठ ने खुलवा दी वारदात
वारदात के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे डीआईजी अजय मोहन शर्मा और एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह को बबलू ने बताया था कि वह स्विफ्ट डिजायर 110 किमी. प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ा रहा था, बदमाशों ने बोलेरे से ओवरटेक कर उसकी कार रुकवाई। अधिकारियों ने देखा कि हाईवे पर गाड़ी के टायर घिसने का कोई निशान नहीं है जबकि इतनी रफ्तार पर अचानक ब्रेक लगने पर स्पष्ट निशान बनने चाहिए थे। इससे बबलू पर शक हो गया। मुनीम नरेंद्र ने बताया था कि कैश 46 लाख लूटा गया है जबकि सख्ती से पूछताछ पर बोला कि इनमें से दो लाख वाटर वर्क्स पर किसी को दिए थे। इसके बाद पुलिस ने नरेंद्र और बबलू से लगातार सवाल किए। नरेंद्र ने बताया कि बबलू ने कार खुद रोकी थी, बदमाश इसके बाद आए। यहां से पुलिस को यकीन हो गया कि वारदात में बबलू शामिल है। इसके बाद उससे सख्ती हुई तो उसने सारी कहानी बयां कर दी।
जमीन में थी रकम
देवेंद्र ने 21 लाख रुपये अपने घर में जमीन खोदकर दबा दिए थे। इसके ऊपर गोबर से लिपाई कर दी थी। क्राइम ब्रांच ने इसे खोदकर रकम निकाली।
मुनीम को अभी क्लीन चिट नहीं
एसएसपी ने बताया कि मुनीम नरेंद्र का अभी तक घटना में रोल सामने नहीं आया है लेकिन उससे पूछताछ चल रही है। अभी उसे क्लीन चिट नहीं दी गई है।