फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO: चलती कार में लगी आग...लपटों में घिरे चालक की जिंदा जलकर माैत, दृश्य देख कांप गए लोग

Thu, 22 Jan 2026 10:23 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से दिलदहला देने वाली घटना सामने आई। चलती कार में आग लग गई। कार में सवार चालक लपटों में घिर गया। वह मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन लपटें इतनी भीषण थीं कि कोई मदद के लिए आगे आने की हिम्मत नहीं जुटा सका। चालक की जिंदा जलकर माैत हो गई।
विज्ञापन
कार में जिंदा जलकर चालक की माैत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिचपुरी में मघटई तिराहे के पास बृहस्पतिवार रात करीब 9 बजे एक चलती कार आग का गोला बन गई। गेट लाॅक हो जाने से कार चला रहे एलआईसी एजेंट वीरेंद्र ठकवानी बाहर नहीं निकल सके। जिंदा जल जाने से उनकी मौत हो गई। हालांकि सूचना के 10 मिनट बाद पुलिस और 15 मिनट बाद तीन दमकलें पहुंच गई थीं।
विज्ञापन


कमला नगर थाना क्षेत्र के शीतल अपार्टमेंट, सुभाष नगर, निवासी वीरेंद्र ठकवानी बोदला से बिचपुरी की तरफ आई-10 कार (यूपी 80 डीवी 2026) से जा रहे थे। कार में वह अकेले थे। मघटई तिराहे के पास कार में तेज धमाका हुआ। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जलती कार देखकर लोगों ने दूर ही अपने वाहन रोक दिए।

डर की वजह से कोई पास जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने 10 मिनट में आग पर काबू पा लिया। मगर, तब तक वीरेंद्र ठकवानी जिंदा जल चुके थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। कार के नंबर प्लेट के आधार पर मोबाइल नंबर खोजकर मृतक की पहचान की गई। जानकारी पर उनके दो बेटे आर्यन और मानव पहुंच गए। उन्होंने ही पहचाना।
विज्ञापन



">http://
 

मदद मांग रहे थे वीरेंद्र, नहीं मिली
प्रत्यक्षदर्शी बिचपुरी निवासी प्रवीन ने बताया कि वह बाइक से प्रतापपुरा में रहने वाली बहन के घर जा रहे थे। कार में आग लगी देख बाइक रोक दी। वह कुछ कर पाते तब तक कार से लपटें उठने लगीं। कार चलाने वाले ने शोर मचाया। बाहर निकलने का भी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। उधर, रास्ते से निकल रहे लोग पास जाने की हिम्मत नहीं कर सके।



">http://
विज्ञापन

कार में था सेंट्रल लॉक सिस्टम
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में कारों में सेंट्रल लाक सिस्टम लगा होता है। आग लगने पर वह खराब हो जाता है। गाड़ी का दरवाजा नहीं खुलने की वजह से लोग बाहर नहीं आ पाते हैं। इस तरह से कई बार घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों को सुरक्षा के लिए कार में छोटा हथाैड़ा रखना चाहिए, जिससे दरवाजा लाॅक होने पर शीशा तोड़कर बाहर आया जा सके। वहीं आग बुझाने के लिए भी फायर सिलिंडर होना चाहिए। हादसे के मामले में कार की वायरिंग में शाॅर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। कार में सीट में फोम और प्लास्टिक फ्रेम होने की वजह से आग भीषण हो गई और चालक सीट पर ही बैठा रह गया।

पुलिस ने बच्चों को संभाला
घटना की जानकारी मिलने पर वीरेंद्र ठकवानी के बेटे मानव और आर्यन पहुंचे थे। वह कार की पहचान करने के बाद फूट-फूटकर रोने लगे। उस समय पुलिस भी थी। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को किसी तरह संभाला। इसके बाद उन्हें घर भेजा। वीरेंद्र कार लेकर कहां जा रहे थे? यह परिजन नहीं बता सके। घर में कोहराम मचा हुआ है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें