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नवीन मंडी में किए अतिक्रमण को हटाया, खलबली

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08एमएनपी-13-नवीन मंडी में अतिक्रमण हटवाने के लिए मंगाई गई जेसीबी व मौजूद अधिकारी और पुलिस बल - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। प्रदेश भर की मंडियों में अतिक्रमण हटने के बाद शनिवार को नवीन मंडी में भी कार्रवाई शुरू हो गई। जैसे ही मंडी प्रशासन ने जेसीबी मंगाकर कार्रवाई शुरू की तो आढ़तियों में खलबली मच गई। वे खुद ही अवैध दुकानों को हटाने लगे। उप निदेशक मंडी परिषद आगरा ने खुद मैनपुरी पहुंचकर अपने सामने दुकानें हटवाईं। देर शाम तक 50 दुकानों को हटा दिया गया।
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आखिरकार शनिवार को नवीन मंडी में अतिक्रमण कर बनाई गई अवैध दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई। आढ़तियों के विरोध के चलते मंडी समिति ने अब तक कार्रवाई नहीं की थी। पूर्व में मंडी समिति ने कुल 230 अवैध दुकानों का चिह्नित किया था लेकिन शासन की सख्ती के बाद शनिवार को दोपहर बाद मंडी प्रशासन फोर्स के साथ जेसीबी लेकर कार्रवाई के लिए पहुंचा। उप निदेशक मंडी परिषद आगरा मूलचंद गंगवार ने खुद अपने सामने दुकानें हटवाना शुरू किया। कार्रवाई शुरू होते ही आढ़तियों में खलबली मच गई। इसके बाद खुद ही आढ़ती अपनी दुकानें हटाने लगे। इसके बाद मंडी प्रशासन ने कार्रवाई रोक दी। देर शाम तक खुद ही आढ़ती अपनी दुकानें हटाने में लगे रहे। शाम तक लोगों ने टिन शेड और बांस के टट्टर लगाकर बनाई गई दुकानों को हटा लिया। अब रविवार को बाकी दुकानों को हटाया जाएगा। मंडी सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि तीन दिनों में मंडी को अतिक्रमण से मुक्त कर दिया जाएगा।
पक्की दुकानें हटाना मंडी समिति के लिए चुनौती
पहले चरण में नवीन मंडी में टिन शेड और बांस के टट्टर से बनी दुकानों को हटाने का काम किया जा रहा है। वहीं प्रशासन पक्की दुकानों पर भी आने वाले दिनों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने की बात कह रहा है लेकिन इन दुकानों पर कार्रवाई करना मंडी प्रशासन के लिए आसान नहीं होगा। क्योंकि अब तक ये लोग आढ़ती इन दुकानों को खाली करने के मूड में नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन को बल का प्रयोग करना पड़ सकता है।
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घिरोर और बेवर मंडी निशाने पर
प्रदेश भर में अब तक केवल मैनपुरी की मंडियों में अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं हुई थी। शासन की सख्ती के बाद मैनपुरी की नवीन मंडी में तो कार्रवाई शुरू हो गई, लेकिन अब घिरोर और बेवर की मंडियां प्रशासन के निशाने पर हैं। यहां भी आढ़तियों द्वारा अवैध कब्जे किए गए हैं। मैनपुरी मंडी साफ होने के बाद इन मंडियों में अभियान चलाया जाएगा।
जल्द दुकानें बनवाने का भी दिया आश्वासन
जब अवैध दुकानों पर कार्रवाई के आदेश हुए तो आढ़तियों ने हड़ताल की धमकी दी थी लेकिन शनिवार को कार्रवाई के दौरान हुई तो आढ़तियों ने उप निदेशक मूलचंद गंगवार के आगे अपनी परेशानी रखी। इस पर उन्होंने जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर दुकानों का निर्माण कराने का आश्वासन भी दिया। इससे आढ़तियों ने राहत की सांस ली।
स्टॉक हटाने के लिए 15 दिन की मोहलत
नवीन मंडी में व्यापार करने वाले आढ़तियों ने बड़ी मात्रा में अनाज का भंडार कर रखा है। मंडी में बने एक नीलामी चबूतरे पर चार आढ़तियों ने करीब 25 हजार बोरी अनाज का भंडारण कर रखा है। इन आढ़तियों को मंडी प्रशासन ने 15 दिन की मोहलत दी है। इसके बाद उन्हें ये चबूतरे खाली करने होंगे।
शासन का आदेश है कि एक भी अवैध कब्जा मंडी में नहीं होना चाहिए। आढ़तियों द्वारा खुद ही कब्जे हटा लिए जाएं तो बेहतर है अन्यथा जिला प्रशासन के सहयोग से बलपूर्वक इन्हें हटाना होगा।
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मूलचंद गंगवार, उप निदेशक मंडी परिषद आगरा।

08एमएनपी-14-नवीन मंडी में अतिक्रमण हटवाने के दौरान खुद ही टिन शेड हटाकर ले जाते आढ़ती- फोटो : MAINPURI

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