एसटीएफ ने रमीज के सहपाठी, प्रोफेसर और अन्य से इसके व्यवहार और कनेक्टिविटी के बारे में जानकारी की। एसएन में भी एक हिंदू युवती के धर्मांतरण की बात सामने आई थी। इसमें अलीगढ़ से भी तार जुड़े पाए गए।
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धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन नायक (डॉ. रमीज) एसएन मेडिकल कॉलेज का छात्र रहा है। इसने 2012 में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। यहां एक साल तक रेजिडेंट के तौर पर चिकित्सकीय कार्य भी किया था। इस जानकारी पर एसटीएफ की टीम ने एसएन मेडिकल कॉलेज में भी जांच की। पूछताछ में इसकी गतिविधियां संदिग्ध मिली हैं।
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एसटीएफ ने जांच के लिए कई बार एसएन का दौरा किया। कॉलेज प्रशासन से एसएन में 2012 से 2018 बैच तक के सभी मेडिकल छात्रों, पीजी छात्रों, रेजिडेंट और अन्य का रिकॉर्ड भी लेकर गई थी। रमीज के सहपाठी, प्रोफेसर और अन्य से इसके व्यवहार और कनेक्टिविटी के बारे में जानकारी की। इसके एसएन में भी एक हिंदू युवती के धर्मांतरण की बात सामने आई थी। इसमें अलीगढ़ से भी तार जुड़े पाए गए। सहपाठियों का कहना था कि अलीगढ़ से भी कुछ लोग अंतराल में एसएन आते थे, जिनके साथ रमीज अलग से बैठकें करता था।
एसटीएफ की जांच में इस्लामिक ग्रुप की शुरुआत यहीं शुरू होने की भी जानकारी मिली। एसएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि एसटीएफ ने डॉ. रमीज के चिकित्सकीय रिकॉर्ड और अन्य जानकारी मांगी थी। साथ ही 2012 से 2018 बैच तक के सभी मेडिकल छात्रों का रिकॉर्ड भी एसटीएफ साथ लेकर गई है।