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आगरा-जलेसर हाईवे होगा चौड़ा: 229 पेड़ हटेंगे, सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी; वन विभाग खर्च करेगा 28 लाख रुपये

Sun, 01 Nov 2026 02:48 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा-जलेसर हाईवे के निर्माण में बड़ी बाधा दूर हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ों को काटने और स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी है। इससे हाईवे का निर्माण कार्य अब गति पकड़ सकेगा।
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आगरा जलेसर रोड। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा-जलेसर हाईवे के निर्माण में बाधा बन रहे पेड़ों को हटाने का काम नवंबर में होगा। सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ों को काटने और स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी है। वन विभाग 229 पेड़ों को स्थानांतरित करेगा, जिस पर 28 लाख रुपये खर्च होंगे।
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वन विभाग ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। यह काम नवंबर में ही पूरा किया जाएगा ताकि हाईवे निर्माण में तेजी आ सके। आगरा-जलेसर रोड करीब 52 किलोमीटर लंबा है। इसके चौड़ीकरण पर लगभग 390 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हाईवे निर्माण के लिए कुल 3014 पेड़ काटने की योजना है। सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में 38,740 पौधे लगाने की रिपोर्ट दी थी। इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे निर्माण को मंजूरी दी।

डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि 229 पेड़ों को स्थानांतरित किया जाएगा। इन पेड़ों को मौके से 25 किलोमीटर की दूरी तक स्थापित किया जाना है। सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी की रिपोर्ट में पेड़ों की प्रतिपूर्ति का विवरण है। आगरा में किरावली के उत्तू गांव में 14 हेक्टेयर में पौधे लगाए गए हैं। फतेहाबाद के मदयाना में 10.50 हेक्टेयर और खेरागढ़ के सरेंधी में 4.85 हेक्टेयर में भी पेड़ लगाए गए। एटा के सकतपुर में 10 हेक्टेयर में पौधरोपण किया गया है। स्थानांतरण पर 28 लाख रुपये का खर्च आएगा। लोक निर्माण विभाग के हाईवे डिवीजन ने 3014 पेड़ काटने की याचिका दायर की थी। कुल 229 पेड़ों को स्थानांतरित करके मार्ग को चौड़ा किया जाना है।
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