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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में नया 'कारनामा', शिक्षकों के नाम का ऐसे हो रहा इस्तेमाल

Fri, 10 May 2019 04:31 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेजों में शिक्षकों के नाम अवैध तरीके से इस्तेमाल हो रहे हैं। जिस व्यक्ति ने कभी कॉलेज में साक्षात्कार नहीं दिया, नियुक्ति नहीं पाई, उसके नाम चल रहे हैं।
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यही नहीं एक ही शिक्षक का नाम एक से अधिक कॉलेजों में इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को शपथ पत्र दिया है। गलत तरीके से नाम इस्तेमाल किए जाने की शिकायत की है। 

मेरठ निवासी दिनेश कुमार ने विश्वविद्यालय में शपथपत्र दिया है। इनका आरोप है कि रघुवीर सरन डिग्री कॉलेज, सिकंदरा और देव एजुकेशन कॉलेज, बरहन, एत्मादपुर में दर्शाया जा रहा है। जबकि उन्होंने दोनों कॉलेजों में न तो कभी साक्षात्कार दिया और न ही पद ग्रहण किया।
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संबंधित कॉलेजों से नाम हटाने की मांग की गई है। इसी तरह से शांति निकेतन बिजनेस मैनेजमेंट एंड कंप्यूटर साइंस संस्थान में बीएड संकाय में प्रवक्ता पद पर कार्यरत सारिका उपाध्याय ने भी शपथपत्र दिया है। 

एत्मादपुर स्थित एक कॉलेज में इनके नाम का अवैध तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि संबंधित कॉलेज में कभी नियुक्ति भी नहीं पाई है। नाम हटाए जाने की मांग की गई है। 

गत सत्रों में भी ऐसे कई मामले आए। एक शिक्षक के नाम कई कॉलेजों में पाए गए। शिक्षकों के नाम तो हटा दिए गए। संबंधित कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि जो भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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