डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में बुधवार को महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित के ऐसा बयान दे दिया, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है।
कुलपति ने कहा कि देश व समाज की रक्षा करने के लिए जिन्होंने धर्म परिवर्तन नहीं किया, वे हमारे रोल मॉडल होने चाहिए, न कि वे रोल मॉडल होने चाहिए जिन्होंने अपने राज्य को बचाने के लिए जोधाबाई का विवाह अकबर से करा दिया। इस पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने विरोध जताया है।
कुलपति ने कहा कि हमें भारत के महान व्यक्तियों का राजनीतिक उपयोग नहीं करना चाहिए। उनके आचरण को व्यवहार में लाना चाहिए, तभी समाज का कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा रखने वाले व्यक्तियों का दायित्व है कि वह सबसे पहले अपने बच्चों को शिक्षित करें।