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बीएड फर्जी मार्कशीट धारक शिक्षकों पर 'मेहरबान' विश्वविद्यालय, एसआईटी जांच भी 'बेअसर'

Sun, 12 May 2019 10:44 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा में बर्खास्त तक नहीं किए गए बीएड की फर्जी मार्कशीट वाले शिक्षक, प्रदेश के तीन जिलों में की जा चुकी है बर्खास्तगी की कार्रवाई, 4700 फर्जी मार्कशीट पाई गई एसआईटी की जांच में, 2500 शिक्षक बताए जा रहे हैं फर्जी मार्कशीट वाले, 250 शिक्षक अकेले आगरा में जिनकी मार्कशीट फर्जी
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डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय की 2005 सत्र की बीएड की फर्जी मार्कशीट का मामला अब मुख्य सचिव अनूप वाजपेयी के पास जाएगा। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने इसकी फाइल तैयार कर ली है।

दरअसल, आगरा समेत कई जिलों ने फर्जी मार्कशीट वाले शिक्षकों पर केस दर्ज कराना तो दूर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है जबकि गोरखपुर, फतेहपुर और लखीमपुर खीरी में बर्खास्तगी की जा चुकी है।
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आगरा में नोटिस जारी किया गया लेकिन, बाद में मामले को दबा दिया गया। एसआईटी के अधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की इस कार्यप्रणाली से बेहद खफा बताए जा रहे हैं। फाइल एसआईटी के डीजी आरपी सिंह ने तैयार की है। इसे ही मुख्य सचिव को भेजा जाएगा। 

एसआईटी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि फर्जी मार्कशीट वाले शिक्षकों के बारे में पूरी रिपोर्ट कई महीने पहले बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को दी गई थी। वहां से जिलों को भेजा गया। रिपोर्ट में बीएड की मार्कशीट के रोल नंबर भी हैं। इसके बावजूद अभी तक एक्शन न लिया जाना तमाम सवाल खड़े कर रहा है।

एसआईटी लगभग तीन साल से इस केस की जांच कर रही है। बीएड की लगभग 4700 मार्कशीट फर्जी पाई गई। इनमें से 2500 पर शिक्षक नियुक्त हो गए। इनमें 250 शिक्षक अकेले आगरा में हैं।
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फर्जी मार्कशीट को असली बताकर उसका सत्यापन किए जाने का पूरा खेल डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय में हुआ। इसका केस भी दर्ज है। कर्मचारियों के साथ अधिकारियों की गर्दन भी फंसी है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। एसआईटी का प्लान पहले अभ्यर्थियों को सबक सिखाने का है। इसके बाद कर्मचारियों और अधिकारियों का नंबर आएगा।

एसआईटी की जांच के दौरान कई ऐसे मामले भी पकड़े गए जिनमें बीएड ही नहीं, बीए की मार्कशीट भी फर्जी है। इन मार्कशीट से आधार पर कई लोग शिक्षक बने हुए हैं। इन्हें 35 से 45 हजार रुपये महीना वेतन दिया जा रहा है। जो जालसाजी की मार्कशीट से टीचर बना हो, वह शिक्षा कैसी दे रहा होगा, समझा जा सकता है
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