डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन सोमवार से वर्ष 2015 से 2019 तक की तैयार डिग्रियों को छात्र-छात्राओं तक पहुंचाने का अभियान शुरू करेगा। यह अभियान 30 दिन चलेगा। इस अवधि में डिग्री के लिए आवेदन न करने पर छात्र-छात्राओं से विलंब/रखरखाव शुल्क लिया जाएगा।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि वर्ष 2015 से 2019 तक की करीब सात लाख डिग्रियां बनी हुई रखी हैं। छात्र-छात्राएं डिग्री लेने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। इसलिए विश्वविद्यालय की ओर से समय सीमा निर्धारित की गई है। डिग्रियां अधिक होने से इनके रखरखाव की चुनौती है। 30 दिन के बाद भी संबंधित वर्षों में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले जो छात्र-छात्राएं डिग्री की मांग नहीं करते हैं, उनके लिए विलंब/रखरखाव शुल्क लगाया जाएगा।
आवेदन करने पर घर भेजी जाएगी डिग्री
सहायक कुलसचिव परीक्षा पवन कुमार के अनुसार छात्र-छात्राओं को डिग्री के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। संबंधित छात्र के पते पर डिग्री भेज दी जाएगी।