राहत : शासन से तय परीक्षा शुल्क ही लिया जाएगा
विश्वविद्यालय के 99 हजार छात्र-छात्राओं को परीक्षा शुल्क में राहत मिली है। समिति ने बताया कि शासन की ओर से तय और उच्च न्यायालय से निर्देशित शुल्क ही लिया जाएगा। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि अब प्रति सेमेस्टर 800 रुपये लिए जाएंगे। इससे पहले 1750 रुपये लिए जा रहे थे।
दरअसल, कॉलेज संचालक ने कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि शासन से तय शुल्क ही लिया जाए। इस पर कोर्ट ने तय फीस लेने के लिए आदेशित किया। इस पर विधिक राय लेने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन तय शुल्क ही लेगा।