डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
आगरा का डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) के पोर्टल पर ई-पाठ्य सामग्री अपलोड करने में प्रदेश में पहले स्थान पर है। शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए लॉकडाउन की अवधि में 5,071 पाठ्य सामग्री तैयार करके अपलोड की थीं। दूसरे स्थान पर लखनऊ विश्वविद्यालय है। यहां के शिक्षकों ने 4,366 पाठ्य सामग्री अपलोड की है। तीसरे नंबर पर गलगोटियाज यूनिवर्सिटी है। इसके शिक्षकों ने 3,482 ई-पाठ्य सामग्री अपलोड कीं।
प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए छात्र-छात्राओं के अध्ययन की सुविधा के लिए सभी राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को अपने शिक्षकों से ई-पाठ्य सामग्री तैयार कराने और उसे एनआईसी के पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। कुल 21 विश्वविद्यालयों ने ई-पाठ्य सामग्री अपलोड की है। सरकार अपनी एक डिजिटल लाइब्रेरी भी तैयार कर रही है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सितंबर और अक्तूबर को विद्यादान माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इस अवधि में जो ई -पाठ्य सामग्री तैयार हो रही है, उसे प्रदेश सरकार के डिजिटल लाइब्रेरी पर अपलोड किया जाएगा।
प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त होने पर कुलपति प्रो. अशोक मित्तल और कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने ई-पाठ्य सामग्री अपलोड करने वाली टीम को बधाई दी है। प्रो. मोहम्मद अरशद ई-पाठ्यक्रम अपलोड करने के समन्वयक और प्रो. मनोज उपाध्याय नोडल अधिकारी हैं। डॉ. केसरवानी और डॉ. जयप्रकाश इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं।