डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं आज से शुरू हुईं। इस दौरान विद्यार्थी बिना प्रवेश पत्र के परेशान रहे। परीक्षा शुरू होने से चंद मिनट पहले ज्यादातर केंद्रों पर परीक्षार्थियों को प्रवेशपत्र दिए गए। शुक्रवार को कॉलेजों की लॉगइन आईडी में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रवेशपत्र डाले गए थे। परीक्षा केंद्रों पर पहले दिन उन परीक्षार्थियों को रोल नंबर से बैठा लिया गया, जिनको किसी कारण से प्रवेशपत्र नहीं मिल पाया। करीब 20 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के आवंटन में बदलाव किया गया है। प्रवेशपत्र देर से मिलने से परीक्षार्थियों को परेशान होना पड़ा। परीक्षार्थी को कॉलेज से बताया गया था कि जिस केंद्र पर सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं, उन्हीं पर ही मुख्य परीक्षा होगी। केंद्र बदलने की जानकारी परीक्षार्थियों को प्रवेशपत्र मिलने के बाद हुई।
विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के पहले दिन 289 में से 50 फीसदी केंद्र भी सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से कंट्रोल रूम से नहीं जुड़ पाए हैं। केंद्रों की निगरानी नहीं हो पा रही है। शासनादेश का उल्लंघन किया जा रहा है। सौ फीसदी केंद्रों की सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से निगरानी की जानी है। मुख्य परीक्षा के लिए 410 केंद्र बने हैं। आगरा मंडल के 256 केंद्रों में से 144 केंद्रों ने गूगल फार्म तक नहीं भरा है। महज 72 केंद्रों ने सही डाटा दिया है। अलीगढ़ मंडल के 70 केंद्र कंट्रोल रूम से जुड़े नहीं हैं। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव का कहना है कि जो परीक्षा केंद्र कंट्रोल रूम से नहीं जुड़े हैं, उनको एक बार नोटिस दिया चुका है, कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के आधार पर फिर नोटिस जारी किया जाएगा।
उड़नदस्ता प्रभारी प्रो. संजय चौधरी ने बताया कि पहले दिन की परीक्षा में दो उड़नदस्ते केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए निकले। उड़नदस्तों ने किसी केंद्र की नकारात्मक रिपोर्ट नहीं दी।