डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में स्टार्टअप के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने और जरूरी मदद उपलब्ध कराने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर इसी माह शुरू हो जाएगा। विवेकानंद इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के नाम से विश्वविद्यालय की कंपनी पंजीकृत हो गई है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और इनोवेशन ऑफिसर के पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्राप्त कर लिए गए हैं।
विवेकानंद इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के निदेशक व आईईटी के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत का कहना है कि तीन मई की रात 12 बजे तक सीईओ और इनोवेशन अधिकारी के पदों पर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। जल्द दोनों पदों पर चयन किया जाएगा। खंदारी परिसर स्थित शिवाजी मंडपम में सेंटर का संचालन किया जाना है। फर्नीचर आना बाकी रह गया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन कराया जाना है। उनसे तारीख मांगी जा रही है।
कहीं के भी युवा कर सकते हैं पंजीकरण
प्रो. वीके सारस्वत ने बताया कि विश्वविद्यालय के सेंटर पर स्टार्टअप के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने और आर्थिक व अन्य मदद के लिए कहीं के भी युवा (नए आइडिया प्रस्तुत करने वाले) पंजीकरण कर सकते हैं। पहले उन्हें डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड की वेबसाइट startupindia.gov.in पर जाकर पंजीकरण कराना होगा।
डेढ़ करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृति मिली
यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से इन्क्यूबेशन सेंटर को पांच वर्ष के लिए 1.5 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत कर दिया गया है। नए आइडिया लाने वाले युवा स्टार्टअप शुरू कर सकें और अपना कारोबार चला सकें, इसमें मदद की जाएगी। स्टार्टअप शुरू करने के लिए आइडिया लाने वालों को प्रशिक्षित किया जाएगा। विवेकानंद इन्क्यूबेशन सेंटर की ओर से ही स्टार्टअप शुरू करने वाले व्यक्ति की फर्म का पंजीकरण कराया जाएगा। स्टार्टअप के लिए विश्वविद्यालय की कंपनी सीड मनी और लैब की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। विश्वविद्यालय के कुलपति इन्क्यूबेशन फाउंडेशन कंपनी के चेयरमैन हैं। प्रो. वीके सारस्वत के अलावा प्रो. अजय तनेजा निदेशक हैं।