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विश्वविद्यालय की परीक्षा में पहले दिन ही बदला दो बार सेंटर, कुलपति ने देखीं व्यवस्थाएं

Tue, 03 Mar 2020 12:04 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

मेघ सिंह डिग्री कॉलेज पहुंचे छात्र और प्रश्न पत्र माया देवी महाविद्यालय
 
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विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा की तैयारियों की पहले दिन ही पोल खुल गई। रातोंरात सेंटर बदलने से गफलत हो गई। छात्र पहले बनाए गए सेंटर और प्रश्न पत्र दूसरी बार बनाए गए सेंटर पर पहुंच गए। ऐसे में छात्राें की परीक्षा आधा घंटा देरी से शुरू हुई। 
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देव एजूकेशन कॉलेज बरहन का परीक्षा केंद्र मेघ सिंह महाविद्यालय आबिदगढ़ था। रविवार की देर रात सेंटर माया देवी महाविद्यालय, वास बोडिया बरहन कर दिया गया। सुबह की पाली में सभी परीक्षार्थी मेघ सिंह महाविद्यालय पहुंच गए और विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र माया देवी महाविद्यालय पहुंचा दिए। मेघ सिंह में प्रश्नपत्र न होने पर अधिकारियों को सूचना दी गई। आनन-फानन में यहां प्रश्नपत्र भेजकर परीक्षा कराई गई। 

देव एजुकेशन कॉलेज बरहन के प्राचार्य डॉ. विकास जैन ने बताया कि देर रात सेंटर बदले जाने की जानकारी सभी छात्रों को नहीं हो पाई, इस कारण पहले बनाए गए सेंटर पर छात्र पहुंच गए। 
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मायादेवी महाविद्यालय के संचालक मणिकांत त्यागी ने बताया कि सुबह छह बजे उनके यहां प्रश्नपत्र पहुंच गए थे, लेकिन परीक्षार्थी नहीं आए, इस पर देव कॉलेज संचालक को फोन किया तो उन्हाेंने यह पूरी जानकारी दी।

प्रश्नपत्र अभी कॉलेज में सुरक्षित रखे हैं, विश्वविद्यालय अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। कुलपति ने दोपहर की पाली में सेंट जोंस कॉलेज का भी निरीक्षण कर हाल देखा।

पूर्व की गड़बड़ियों से व्यवस्था हुई फेल: प्रो. अशोक मित्तल
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि पूर्व की गड़बड़ियों के चलते परीक्षाओं में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। सेंटरों में संशोधन किया है, पांच मार्च की परीक्षा से कोई भी दिक्कत नहीं आएगी।  - प्रो. अशोक मित्तल कुलपति
 

अव्यवस्था एक : सचल दल तक नहीं किए गए है गठित
बिना सचल दल के मुख्य परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा के लिए सचल दल ही नहीं बनाए हैं। ऐसे में नकल करने वाले छात्र और सामूहिक नकल कराने वाले कॉलेजों पर औचक निरीक्षण नहीं किया जा सका। इससे नकल माफिया ने भरपूर फायदा भी उठाया। 

अव्यवस्था दो: प्रवेश पत्र के लिए भटकते रहे छात्र
मुख्य परीक्षा के लिए छात्रों को प्रवेश पत्र नहीं मिल सके। ऐसे में छात्र कॉलेजों में प्रवेश पत्र के लिए भटकते रहे। सबसे ज्यादा दिक्कत एक्स छात्रों को हुई। कॉलेज में परीक्षाएं चलने के कारण छात्रों को इंतजार भी करना पड़ा। यहां तक कि उनको परीक्षा के दौरान कॉलेज में प्रवेश ही नहीं करने दिया।

अव्यवस्था तीन: कंट्रोल रूम की व्यवस्थाएं भी चौपट 
कंट्रोल रूम की व्यवस्थाएं भी ठप हैं, सभी केंद्रों को इंटरनेट से जोड़ा नहीं जा सका है, जिससे किसी केंद्र का सजीव हाल नहीं देखा जा सका है। कई केंद्र ऐसे भी रहे, जिन पर सीसी टीवी कैमरे ही नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में किसी भी केंद्र पर नकल होने पर इसकी निगरानी नहीं हो पा रही है।
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परीक्षा शुरू, प्रवेशपत्र मिला नहीं
परीक्षाएं शुरू हो गई हैं और प्रवेश पत्र के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कॉलेज में दो दिन से लगातार आ रही हूं, प्रवेश पत्र नहीं मिल पा रहा है। - निधि कुमारी, बीए फाइनल

साइट खुल नहीं रही है। इसके कारण प्रवेश पत्र प्रिंट नहीं कर पा रहे। कॉलेज के दो-तीन चक्कर काटने के बाद बमुश्किल प्रवेश पत्र मिला है। - विशाल बघेल, बीए द्वितीय वर्ष

परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रवेश पत्र मिल जाने चाहिए। तीन-चार दिन से प्रवेश पत्र के लिए चक्कर काट रहा हूं, अभी तक नहीं मिला है। - तेजवीर छोंकर, एमए प्रथम वर्ष

दो बार कॉलेज से लौटना पड़ा, बताया कि प्रवेश पत्र अभी अपलोड नहीं हुए हैं। परीक्षा की तैयारी करें, कि प्रवेश पत्र के लिए चक्कर काटते रहें। - नीतू कुमार, बीए फाइनल
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