18 मई को विश्वविद्यालय प्रशासन ने डीआरजी महाविद्यालय परीक्षा केंद्र को निरस्त कर दिया। केंद्र पर पंडित लक्ष्मी नारायण मेमोरियल महाविद्यालय, टप्पल और डीआरजी महाविद्यालय की छात्राएं परीक्षा दे रही थीं। परिवर्तित केंद्र बोहरे मोहनलाल मेमोरियल महाविद्यालय, जट्टारी को बना दिया गया। 19 मई को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बोहरे मोहनलाल मेमोरियल महाविद्यालय केंद्र को हटाकर उसकी जगह कृष्णा महाविद्यालय, सुजानपुर खैर को परीक्षा केंद्र बना दिया गया।
डीआरजी महाविद्यालय का केंद्र अब 14.7 किलोमीटर अधिक दूर
गूगल मैप के अनुसार डीआरजी महाविद्यालय से बोहरे मोहनलाल मेमोरियल महाविद्यालय की दूरी महज 2.8 किलोमीटर है। उसे हटाकर जो केंद्र बाद में बनाया गया (कृष्णा महाविद्यालय, सुजानपुर) की दूरी 17.5 किलोमीटर है। डीआरजी महाविद्यालय की छात्राओं को परीक्षा देने के लिए अब 14.7 किलोमीटर अधिक दूर जाना पड़ रहा है।
डीआरजी कॉलेज ने रास्ता खराब होने पर आपत्ति दर्ज कराई थी
परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी संभाल रहे कुलसचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि डीआरजी कॉलेज की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी कि उसके यहां से बोहरे मोहनलाल मेमोरियल महाविद्यालय का रास्ता ठीक नहीं है, दूसरे कॉलेजों के बीच राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता है। इसलिए परीक्षा केंद्र बदल दिया गया।
नकल के मामले में कार्रवाई में भी दोहरी नीति
एक ही अपराध में कार्रवाई के नाम पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोहरी नीति अपनाई है। 13 मई को सामूहिक नकल की रिपोर्ट मिलने पर मां जानकी देवी और श्रीरामस्वरूप गंगा प्रसाद कॉलेज दोनों की संबंधित पाली की परीक्षा और परीक्षा केंद्र निरस्त करने के आदेश कर दिए गए थे।
श्रीरामस्वरूप गंगा प्रसाद कॉलेज की जगह डीआरजी कॉलेज का नाम आने पर कार्रवाई बदल गई। जांच के बाद केंद्र निरस्त कर दिया गया, संबंधित पाली की परीक्षा निरस्त करने पर निर्णय नहीं लिया गया। विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा का कहना है कि जांच में दोनों केंद्रों के नकल के तरीकों में अंतर दिखा। यूएफएम कमेटी मामले में निर्णय लेगी।