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चार राज्यों में फैला था डा. अमित का नेटवर्क

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चार राज्यों में फैला था डा. अमित का नेटवर्क - फोटो : Amar Ujala
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भ्रूण लिंग परीक्षण से लेकर गर्भपात तक का लिया जा रहा था ठेका
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मेरठ तक से आए केस
एक डायरी में आगरा के अलावा मथुरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, धौलपुर, भरतपुर, गाजियाबाद, दिल्ली, हापुड़, बीकानेर, मेरठ, शामली, बागपत के डाक्टरों के नाम और पर्चे मिले हैं। इतनी दूर से यहां आकर अल्ट्रासाउंड कराने का मकसद भ्रूण लिंग परीक्षण ही समझा जा रहा है।

पांच लाख तक का भुगतान
एक डायरी में लेन-देन कोड में लिखा है। इसे समझने की कोशिश की गई। कई जगह 30 टी लिखा है इसे तीस हजार माना जा रहा है, एक केस के इतने ही लिए जा रहे थे। एक दो जगह 5 एल लिखा है। इसे पांच लाख माना जा रहा है। यह केस भेजने वाले डाक्टरों का कमीशन हो सकता है।
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होटलों में ठहराते थे एजेंट 
फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल के कई बिल मिले हैं। सभी तीन से चार दिन रुकने के हैं। माना जा रहा है कि यह उन लोगों के हैं जिन्होंने भ्रूण परीक्षण में बेटी का पता चलने पर गर्भपात भी इसी शहर में कराया। एजेंट दोनों काम का ठेका लेते थे।

शहर के पांच अस्पताल चिह्नित
शहर के नाई की मंडी, ताजगंज, खंदारी और कमला नगर के पांच अस्पताल ऐसे हैं, जिनसे लगातार संपर्क किया जा रहा था। इनके डाक्टरों के पर्चे यहां लगातार आ रहे थे। कई पर्चे ऐसे भी हैं जिन पर मरीज का नाम भी नहीं लिखा है।

भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोप में बीकानेर (राजस्थान) पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए डा. अमित गुप्ता के गोकुलपुरा के पास एमजी रोड स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गुरुवार को स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने सील तुड़वाकर छानबीन की तो कई चौंकाने वाले साक्ष्य सामने आ गए। पता चला कि डा. अमित का नेटवर्क यूपी के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली तक फैला था। उसके एजेंट भ्रूण के लिंग परीक्षण के साथ ही महिलाओं का गर्भपात कराकर बेटियों की जान लेने तक का ठेका ले रहे थे।
जिलाधिकारी पंकज कुमार ने बीकानेर प्रशासन की सहमति से सेंटर की सील खोलकर वहां छानबीन कराई। सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान, एसीएम द्वितीय अरुण कुमार और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ताले खुलवाकर जांच की। सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान ने बताया कि सभी दस्तावेज को सील कर दिया गया है। इन्हें कमेटी के सामने ही खोला जाएगा और निज डाक्टरों, अस्पतालों के संबंध में कागज मिले हैं उनकी सख्त जांच की जाएगी। यहां कोड वर्ड में लिखी कई डायरिया मिली हैं। एक गुप्त अलमारी से तीन छोटी डायरियां मिली हैं। जिनमें 2007 से लिखा पढ़ी की गई है।

सेंटर से मिली शराब की बोतलें
आगरा। डा. अमित गुप्ता के अल्ट्रासाउंड सेंटर से शराब की बोतलें भी मिली हैं। स्कॉच की महंगी बोतलें भी हैं। कुछ खुली हुई थीं तो कुछ सील पैक हैं। इसके अलावा नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवक-युवतियों को बायोटाडा रखे हैं।
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अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि भ्रूण लिंग परीक्षण के खुलासे के बावजूद प्रशासन ढिलाई बरत रहा है। दरअसल, डा. अमित की मंगलवार को गिरफ्तारी के बाद बुधवार को प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया। इस खबर पर जिला प्रशासन हरकत में आया और गुरुवार को कार्रवाई की।
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