फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षिका बन ज्ञान का दीपक जलाना चाहती हैं मेधावी सुजाता

विज्ञापन
सुजाता - फोटो : MAINPURI
विज्ञापन
मैनपुरी। शहर से सटे गांव बहादुरपुर निवासी सुजाता की अब एक नई पहचान है। ये पहचान उन्हेें उनकी मेहनत और सफलता ने दिलाई है। बीए में उन्हें विश्वविद्यालय ने चार स्वर्ण व एक रजत पदक से सम्मानित किया है। इसके बाद उन्हें गोल्डन गर्ल सुजाता कहना गलत नहीं होगा। बीमारी के कारण दीक्षांत समारोह में न पहुंचने का मलाल सुजाता को है।
विज्ञापन

सुजाता को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को चार स्वर्ण व एक रजत पदक राज्यपाल ने प्रदान किया। सुजाता ने श्री जगदंबा स्मारक स्वर्ण पदक, डॉ. करुणा भार्गव स्वर्ण पदक, डॉ. अचित स्मृति स्वर्ण पदक, कृष्ण कुमारी देवी स्वर्ण पदक के साथ श्रीमती एसपी सुखिया रजत पदक हासिल किया।
सुजाता कुरावली रोड स्थित देवी सिंह महाविद्यालय की छात्रा है। सबसे बड़ी बात यह है कि सुजाता ने यह सफलता शादी के बाद पढ़ाई कर हासिल की है। सुजाता ने बताया कि उसके पिता ने उसकी शादी वर्ष 2015 में कर दी थी। उस समय वह कक्षा 12 की छात्रा थी। उन्हें लगा कि उसकी आगे की पढ़ाई बाधित हो रही है, लेकिन सुजाता के पति राजेश कुमार ने उसकी मेधा को पहचाना और आगे की पढ़ाई जारी रखी।
विज्ञापन

वर्ष 2016 में सुजाता को बीए में पास के ही चौधरी देवी सिंह महाविद्यालय में प्रवेश दिलाया। सुजाता भी ससुरालीजनों की उम्मीदों पर खरी उतरी। परिणाम यह हुआ कि बीए फाइनल की परीक्षा बेहतर अंकों के साथ पास करने के बाद उसे डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने पांच पदकों से सम्मानित किया।
सुजाता अपनी सफलता का श्रेय अपने पति व ससुर को देती हैं। सुजाता का सपना शिक्षक बन शिक्षा की ज्योति को आगे बढ़ाना है। सुजाता की सफलता पर महाविद्यालय के प्रबंधक आमेंद्र यादव, विपिन यादव, नवीन प्रताप, अंकुर यादव, सतेंद्र कुमार आदि ने बधाई दी है।
पदक लेकर लौटी बेटी का किया स्वागत
बेवर। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में बेवर कस्बे की बेटी ने भी एक स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। बेटी की इस उपलब्धि पर पूरा बेवर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। बेटी जब पदक लेकर घर लौटी तो यहां शनिवार को उसका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।
कस्बा निवासी अमित अग्निहोत्री की पुत्र सौम्या अग्निहोत्री ने बीएससी फाइनल वर्ष 2019 की परीक्षा में रसायन विज्ञान विषय में सर्वाधिक अंक हासिल कर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के दीक्षांत समारोह में उमंग लक्ष्मी शांतिलाल स्वर्ण पदक हासिल किया है। सौम्या की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी छाई हुई है।
सौम्या अपनी सफलता का श्रेय पढ़ाई के लिए हर समय प्रेरित करने वाले चाचा आशीष अग्निहोत्री व बुआ अनामिका अग्निहोत्री को देती है। सौम्या श्री माधव सिंह स्मारक महाविद्यालय किशनी की छात्रा है। सौम्या का सपना प्रवक्ता बन शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें