कासगंज। कासगंज-कानपुर और कासगंज-मथुरा रेलमार्गों पर रेल यातायात बढ़ने के कारण अब रेल लाइन के दोहरीकरण की योजना पर रेल मंत्रालय कार्य कर रहा है। इन रेलमार्गों पर यात्री ट्रेनों के अलावा मालवाहक ट्रेनों का आवागमन बड़ी संख्या में होता है। कासगंज से मथुरा तक रेल लाइन के दोहरीकरण का सर्वेक्षण पूर्ण करके डीपीआर तैयार हो चुकी है। अब यह डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। इसके अलावा कासगंज-कानपुर-अनवरगंज-फर्रुखाबाद रेल लाइन के दोहरीकरण के सर्वेक्षण का कार्य अगले माह से शुरू होने की उम्मीद है।
कानपुर- अनवरगंज-फर्रुखाबाद-कासगंज रेल मार्ग 242.84 किलोमीटर लंबा है। इस रेलमार्ग के दोहरीकरण के सर्वेक्षण का कार्य 5.82 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। रेल मंत्रालय ने इस कार्य के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी है। रेलवे विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले माह से यह सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया जा सकता है। इस मार्ग के दोहरीकरण से अन्य ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं और यात्री सुविधाएं भी बढ़ेंगी। कासगंज-मथुरा के बीच दोहरीकरण के प्रस्ताव का सर्वेक्षण कार्य पूरा हो गया है।
कासगंज-मथुरा रेललाइन के दोहरीकरण का सर्वेक्षण पूर्व में किया जा चुका है। डीपीआर तैयार है। अब इसे शीघ्र ही रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा। कासगंज-कानपुर-फर्रुखाबाद रेल लाइन के दोहरीकरण के सर्वेक्षण के लिए धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है। अगले माह से सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा- संजीव शर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर।