यमुना, चंबल, गंगा समेत देश की तमाम नदियों में डाल्फिन की एक साथ गणना के लिए अभियान सोमवार को आगरा के डीएफओ अनिल पटेल ने नंदगवां घाट पर शुरू किया। यह गणना पांच से आठ अक्तूबर तक चलेगी। इसके पहले दिन चंबल में 20 डाल्फिन मिली। अभियान की शुरूआत के साथ ही यूपी डाल्फिन की गणना कराने वाला पहला राज्य बन गया है।
बता दें कि रेड जोन में आई डाल्फिन को बचाने की पहल पांच अक्तूबर 2009 को केन्द्र सरकार ने की थी। तब इसे राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया था। इसके बाद से इनके संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पांच से आठ अक्तूबर तक ‘माय गंगा, माय डाल्फिन’ अभियान के तहत सोमवार को सर्वे शुरू होते ही यूपी गणना कराने वाला पहला राज्य बन गया है। रेंजर वन्य जीव बाह आरके शर्मा ने बताया कि वन विभाग और वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड की टीम ने सोमवार को संयुक्त रूप से चंबल नदी में नंदगवां सेे बसवाये घाट तक गिनती की। इस दौरान टीम को 20 डाल्फिन मिलीं। गणना का शुभारंभ डीएफओ अनिल पटेल ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के देवकांत मीणा, राजेश कुमार, एमपी सिंह, विशुनपाल, वीरेंद्र पाल सिंह, गिर्जेश तिवारी, सत्येंद्र कुमार, चंबल सफारी के आरपी सिंह आदि मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि चंबल नदी में बाह के अटेर, हथकांत और इटावा के पचनदा, मध्य प्रदेश के बरही, मघारा, दीनपुरा के घाटों के आसपास गहरे पानी वाले इलाके में समूह में इनकी मौजूदगी मिली है।