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Agra News: हर दिन 150 को काट रहे कुत्ते, एआरवी लगवाने के लिए लगी भीड़

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100, जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाता मरीज
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आगरा। सड़कों पर घूम रहे निराश्रित कुत्तों के हमले बढ़ने से जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हर दिन 150 से ज्यादा लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। इनमें 80 फीसदी बच्चे और बुजुर्ग हैं। कई के गहरे जख्म भी मिल रहे हैं, जिन्हें एंटी रैबीज सीरम लगाना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल के एआरवी क्लीनिक के प्रभारी डॉ. मोहित बंसल ने बताया कि सप्ताह में करीब 2500 मरीज एआरवी लगवाने आ रहे हैं। इनमें से एक हजार से अधिक नए मरीज होते हैं, जो पहली बार इंजेक्शन लगवाने आतेे हैं। मरीजों की संख्या बीते दिनों के मुकाबले बढ़ गई है। एआरवी लगवाने वाले 95 फीसदी मरीजों को निराश्रित कुत्तों ने चौराहों, दुकानों, गलियों समेत सार्वजनिक स्थानों पर हमला कर काटा है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एआरवी का स्टॉक भी किया है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार अरोड़ा ने बताया कि एआरवी लगवाने वालों में करीब 90 फीसदी कुत्ता काटने के होते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तीन महीने का स्टॉक है। अभी करीब सात हजार एआरवी स्टाॅक में हैं।

सफाईकर्मी की भूमिका निभाते हैं कुत्ते
- आरबीएस कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. विवेक सिंह ने बताया कि इको सिस्टम में कुत्तों की विशेष भूमिका है। अभी ये मौजूद हैं, इसलिए इनका महत्व कम समझ रहे हैं। दरअसल, ये प्रकृति के सफाईकर्मी के रूप में भी भूमिका निभाते हैं। ये मृत जानवरों के अलावा जैविक कचरे को भी खाते हैं। ये अपशिष्ट भी खाते हैं, जिससे स्थिति संतुलित रहती हैं और जैविक खतरों से भी बचाव होता है। ये चूहों को भी खाते हैं, जिससे इनकी संख्या भी नियंत्रित रहती है। कुत्ते छोटे कीटों का भी शिकार करते हैं, जिससे वनस्पति को नुकसान पहुंचाने से भी बचाते हैं। मानव के सबसे भरोसेमंद जानवरों में भी शामिल हैं।
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