आगरा। सुप्रीम कोर्ट ने लावारिस कुत्तों के काटने पर चिंता जताते हुए इनको सड़कों से हटाने के आदेश दिए हैं। आगरा में भी कुत्ते लोगों पर हमला कर घायल कर रहे हैं। रोजाना 500 से अधिक लोगों को यह काटकर जख्मी कर रहे हैं। अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने आ रहे लोगाें में बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जिला अस्पताल और 18 सीएचसी पर रोजाना करीब 500 मरीजों को एआरवी लगाए जा रहे हैं। इनमें 35-40 फीसदी 10 साल तक के बच्चे हैं। मरीजों से पूछताछ में 95 फीसदी को गली के कुत्तों ने सार्वजनिक स्थानों पर काटा। हाथ, पैर, कमर पर ज्यादा घाव मिल रहे हैं। इनमें 5 फीसदी के गंभीर घाव पाए जा रहे हैं। इनको सीरम लगाने की जरूरत पड़ती है। कुत्ता काटने पर मरीज को 24 घंटे में चिकित्सक को दिखाकर एआरवी लगवाना जरूरी है। मरीज को काटने वाले दिन, इसके तीसरे दिन, सातवें दिन, 14 वें दिन और 28 वें दिन इंजेक्शन लगता है।
घाव पर मिर्च न लगाएं, 10 मिनट साबुन से धोएं
- जिला अस्पताल के एआरवी ओपीडी प्रभारी डाॅ. मोहित बंसल ने बताया कि कुत्ता-बंदर के काटने पर घाव पर मिर्च समेत अन्य कोई सामग्री न लगाएं। मिर्च लगाने से रक्तसंचार तेज होने पर वायरस तेजी से प्रभावी होने लगता है। ऐसे में जख्म को नल के नीचे पानी की तेज धार में साबुन से 10 मिनट तक अच्छी तरह से धोएं। काटने वाले कुत्ते की 7-10 दिन निगरानी करें। अगर कुत्ता मर जाता है तो चिकित्सक को जरूर बताएं।
जिला अस्पताल में आए मरीजों की स्थिति:
3590: नए मरीज महीने में आए
2655: को गली के कुत्तों ने काटा
516: को पालतू कुत्ते ने काटा।
227: को बंदर ने काटा
164: को बिल्ली ने काटा
28: को सियार, चूहा, छछूंदर ने काटा।
80 हजार को पकड़ा, 16 हजार की नसबंदी
- नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि बीते एक साल में करीब 80 हजार कुत्तों को सड़कों से पकड़कर एनिमल वेलफेयर सेंटर भेजा गया है। 16 हजार कुत्तों की नसबंदी भी की है। इनको पकड़ने का अभियान चल रहा है।