कुत्ते को लेकर थाना न्यू आगरा आए संस्था के पदाधिकारी डॉक्टर नेहरू
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ताजनगरी आगरा के नगला हवेली में एक अप्रैल को वाहन चालक जैकी की हत्या हुई थी। पड़ोसी आरोपी परिवार के पांच लोग जेल भेजे गए, दो फरार हैं। जिस कुत्ते गोलू की वजह से पहले विवाद फिर हत्या हुई। वह आरोपी के घर में दो दिन से बंद था। बुधवार को उसे कैस्पर्स होम में आश्रय दिलाया गया।
नगला हवेली निवासी राकेश के घर में कुत्ता था, जिसे परिवार के लोग गोलू बोलते थे। राकेश के परिवार पर मोहल्ले के ही रहने वाले जैकी की हत्या का आरोप लगा है। जैकी रास्ते से जा रहा था। कुत्ते के पीछे दौड़ने पर विवाद हुआ। इसमें पीटकर जैकी की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से राकेश के घर पर ताला लगा है। कुत्ता गोलू घर में ही था।
उसे मालिक के नहीं होने की वजह से खाना-पीना नहीं मिल रहा था। बुधवार दोपहर में पशु चिकित्सक डॉ. संजीव नेहरू नगला हवेली पहुंचे। उन्होंने कुत्ते को निकाला। डॉ. संजीव नेहरू ने बताया कि वह काफी देर तक कुत्ते को बुलाते रहे। वह छत पर था। बाद में भूतल पर आया। इसके बाद दरवाजे की जगह से बाहर आकर दौड़ने लगा।
उन्हें लग रहा था वह काटेगा, इसलिए पुचकारते रहे। उसने किसी को नहीं काटा। बाद में उसे थाना न्यू आगरा लाए। पुलिस को लिखकर दिया कि मालिक के आने तक वह कुत्ते को अपने पास रखेंगे। बीमारी और एंटी रेबीज के टीके भी लगवा दिए। कुत्ते की जांच की गई। वह सामान्य व्यवहार नहीं कर रहा था। इससे उसके सदमे में होने की आशंका है। उसका उपचार किया जा रहा है।
नहीं काटा, टीम के साथ चल दिया
कैस्पर्स होम संचालिका विनीता अरोरा ने बताया कि कुत्ते को उनकी संस्था के सदस्य ऋषभ आश्रय गृह में लेकर आए हैं। कुत्ते ने किसी को नहीं काटा। वह देखभाल करा रही हैं। आश्रय गृह में पहले से मौजूद कुत्तों के साथ ही खेल रहा है।
पुलिस कर रही लापरवाही
उधर, जैकी की मौत से मां फूलो देवी के आंसू नहीं रुक रहे हैं। वह बार-बार कह रही हैं कि न्याय मिलना चाहिए। पुलिस ने मुख्य आरोपी राकेश और उसकी पत्नी सुमन को नहीं पकड़ा है। उनकी गिरफ्तारी की जानी चाहिए। तीन दिन बीत गए हैं। पुलिस लापरवाही बरत रही है।