आगरा के सदर थाना क्षेत्र में फूल सैय्यद पर जिंदा कुत्ते के ऊपर सड़क बनाने का मामला सामने आया था। मगर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सड़क बनने से सात दिन पहले ही कुत्ते की मौत की पुष्टि हुई।
एक्सपर्ट की मानें तो कुत्ते की लाश सात दिन में कंकाल बन जानी चाहिए थी। ऐसे में मौत के निश्चित समय की पुष्टि नहीं हो सकती? इससे पोस्टमार्टम रिपोर्ट किसी के गले नहीं उतर रही है।
कुत्ते पर सड़क बनाए जाने की रिपोर्ट सोमवार को दर्ज की गई थी। इसमें बताया गया था कि उसके पैरों पर रोड रोलर चढ़ाया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसके ऊपर सड़क भी बना दी गई।
कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज
इसी आधार पर पुलिस ने पशु की जान लेने की धारा 428, 429 और पशु क्रूरता का निवारण अधिनियम में केस दर्ज किया था। आरपी कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने इस मामले में चार कर्मचारियों को पकड़ा था। शव का पोस्टमार्टम वेटनरी डॉक्टर ने किया था। इसकी रिपोर्ट में आया कि कुत्ते की मौत सात दिन पहले ही हो चुकी थी। अब लोग इसी रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
गोविंद पाराशर का कहना है कि घटनास्थल पर कुत्ते की लाश मिली थी। कंकाल नहीं था। लाश से दुर्गंध भी नहीं आ रही थी। सात दिन पहले मौत होती तो लोग पास भी नहीं जा पाते हैं।
'सात दिन में बन जाता है कंकाल'
उन्होंने कहा कि उनके पास कुत्ते की लाश का वीडियो भी है। बाद में सड़क से कुत्ते की लाश को निकाला गया था। मामले की शिकायत अधिकारियों से की जाएगी। कंपनी अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश शर्मा के मुताबिक, कुत्ते की लाश पड़ी रहती है तो वो तीन दिन में सड़ना शुरू हो जाती है, उससे दुर्गंध भी आने लगती है। अगर, लाश को सात दिन हो जाएंगे तो कंकाल बन जाएगा।
इस स्थिति में सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि मौत कितने दिन पहले हुई, उसके लिए कंकाल को फोरेंसिक लैब ही भेजना पड़ेगा। वहीं चोट लगने की स्थिति में मौत का कारण जरूर पता चल सकता है।