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UP: एक से अधिक यौन संबंध से सर्वाइकल कैंसर...इस उम्र में खतरा अधिक, बांझपन से बचने को महिलाएं उठा रहीं ये कदम

Sun, 23 Mar 2025 09:22 AM IST
अरुन पाराशर अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में आयोजित यूपीकाॅन-2025 में चिकित्सकों ने महिलाओं से संबंधित बीमारियों पर चिंता जताई। बताया कि महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाली बीमारियों में सर्वाइकल कैंसर है। छोटी उम्र में ही याैन संबंध बना लेने के चलते भी इस बीमारी का खतरा बढ़ रहा है।
 
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यूपीकाॅन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते अतिथि। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। इसमें पर्सनल हाइजीन, संक्रमण, देर से शादी, कई बच्चे भी वजह हैं। बीते कुछ सालों में छोटी उम्र में यौन संबंध और एक से अधिक से संबंध बनाने से भी यह बीमारी हो रही है। फतेहाबाद रोड स्थित होटल में आगरा ऑब्स एंड गायनी सोसाइटी की यूपीकॉन-2025 के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताई।
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फोग्सी की अध्यक्ष डॉ. सुनीता तेंदुलवाडकर ने कहा कि महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाली बीमारियों में सर्वाइकल कैंसर है। पिछले 10 साल में 25 से 30 साल की महिलाएं पीड़ित हो रही हैं। इनमें दो-तीन फीसदी ने 13-14 की उम्र में ही यौन संबंध बना लिए। कई ऐसी भी युवतियां व महिलाएं रहीं, जिनके एक से अधिक यौन साथी रहे। इनमें एचआईवी, सिफलिस समेत अन्य यौन बीमारियां भी मिलीं।

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उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मरीज तीसरी-अंतिम स्टेज में ही दिखाने आते हैं। बिना झिझक तत्काल इलाज कराने से बीमारी से बचा जा सकता है। जागरूकता के लिए वाराणसी में फ्री सर्वाइकल कैंसर अभियान शुरू किया है। बचाव के लिए 9 से 14 साल तक की उम्र में एंटी सर्वाइकल वैक्सीन जरूर लगवाएं।

 

अध्यक्ष डॉ. सरोज सिंह और सचिव डॉ. रिचा सिंह ने महिलाओं को पौष्टिक आहार लेने, सही उम्र में विवाह करने और खुद को फिट रखने पर जोर दिया। उद्घाटन के मौके पर एसएन मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डाॅ. प्रशांत गुप्ता, डॉ. ऊषा शर्मा, डॉ. कीर्ति दुबे, डॉ. भारती माहेश्वरी, डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, डॉ. जयदीप मल्होत्रा, डॉ. शिखा सिंह, डॉ. निधि गुप्ता, डॉ. मोहिता पेंगोरिया, डॉ. पूनम यादव, डॉ. अनु पाठक, डॉ. रुचिका अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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उच्च शिक्षित में अधिक बांझपन
वाराणसी की डॉ. नीलम ओहरी ने बताया कि उच्च शिक्षित महिलाओं में बांझपन सामान्य के मुकाबले तीन गुना तक है। कॅरियर बनाने में उम्र अधिक हो जा रही है। औसतन 35-38 में शादी हो रही है। इसमें भी एक-दो साल तक संतान नहीं प्राप्त करते। ऐसे में मेट्रो शहरों में युवतियां 22-25 की उम्र में अंडाणु लैब में सुरक्षित रखवा रही हैं। भविष्य में संतान पैदा करने में दिक्कत आने पर इनका उपयोग किया जा रहा है। यही हाल पुरुषों में मिल रहा है। खराब फिटनेस, एल्कोहल-स्मोकिंग और देर तक जागने की लत से शुक्राणु कम बन रहे हैं और गुणवत्ता भी खराब है।

 

कैटवॉक कर डॉक्टरों ने दिखाया जलवा
यूपीकॉन-2025 में शनिवार को रंगारंग कार्यक्रम भी हुए। महिला चिकित्सकों ने कैटवॉक कर धमाल मचाया। गीतों पर नृत्य कर समा बांध दिया। समापन पर सभी को पुरस्कृत किया गया।

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मोटापा-बीपी से गर्भवती को खतरा
फोग्सी की पूर्व उपाध्यक्ष गोरखपुर की डॉ. साधना गुप्ता ने बताया कि मोटापा-बीपी से गर्भवती महिलाओं में बांझपन का खतरा बढ़ रहा है। कई बार प्रसव के वक्त भी किडनी फेल के मामले हुए हैं। ऐसे में अगर किसी गर्भवती को बहुत अधिक उल्टियां आ रही हैं, गुर्दे में पथरी-संक्रमण है, उच्च रक्तचाप की दिक्कत है तो इलाज कराने के साथ प्रसव के बाद चिकित्सकीय निगरानी में रहना चाहिए।

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